छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का कांग्रेस नेताओं ने किया खुलासा

बलरामपुर, रामानुजगंज/रायपुर, 12 मार्च (वार्ता) छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने बुधवार देर रात में प्रदेश में अफीम की खेती होने का खुलासा किया है।

श्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कल देर रात ये जानकारी देते हुए लिखा कि बलरामपुर जिले में एक और खेत में अफीम मिली है। उन्होंने बताया कि करौंधा के पास खजुरी पंचायत में डेढ़ एकड़ भूमि पर अफीम की खेती की गई है।

श्री टी.एस. सिंहदेव ने अधिक विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि खजुरी के तुर्रीपनी में लगभग दो एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे लहलहा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे संबंधित तस्वीर बुधवार शाम चार बजे की है, जिसमें अफीम के पौधे स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।

कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लेकर प्रशासन और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आना बेहद चिंताजनक है।

श्री सिंहदेव ने सवाल उठाया कि जब पूरे साल बोई जाने वाली फसलों का रिकॉर्ड प्रशासन के पास रहता है, तो फिर उसकी नाक के नीचे इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती कैसे हो रही है। उन्होंने इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि मिलीभगत से जोड़कर देखा।

नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार इस गंभीर मुद्दे पर चुप क्यों है। उन्होंने कहा कि शायद इस अवैध कारोबार में भाजपा के लोगों की संलिप्तता होने की वजह से सरकार मौन है। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार तुरंत स्पष्ट करे कि प्रदेश में वास्तव में क्या हो रहा है, यह अफीम की खेती किसके संरक्षण में चल रही है और अब तक इस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

गौरतलब है कि इससे पहले भी राज्य के अलग-अलग इलाकों में अफीम की खेती के मामले सामने आ चुके हैं। लगातार मिल रहे ऐसे मामले प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

भाजपा के प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने कहा – सरकार सभी मामलों में निष्पक्ष होकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी, हमारी सरकार में कांग्रेस की सरकारों की तरह आरोपियों को संरक्षण नहीं दिया जाता है।

 

 

Next Post

छत्तीसगढ़ में 14 मार्च को लोक अदालत का आयोजन

Thu Mar 12 , 2026
रायपुर, 12 मार्च (वार्ता) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में 14 मार्च को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लंबित ई-चालान मामलों का निराकरण किया जाएगा। रायपुर शहर में ही अब तक छह हजार से अधिक ई-चालानों का पंजीयन लोक अदालत के लिए किया जा चुका है। […]

You May Like