रायपुर, 12 मार्च (वार्ता) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में 14 मार्च को लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लंबित ई-चालान मामलों का निराकरण किया जाएगा। रायपुर शहर में ही अब तक छह हजार से अधिक ई-चालानों का पंजीयन लोक अदालत के लिए किया जा चुका है।
इस बार भी लोक अदालत का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जाएगा। इसमें वाहन मालिक और संबंधित पक्षकार न्यायालय में उपस्थित होकर या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अपने मामलों का निराकरण करा सकेंगे।
यातायात पुलिस के अनुसार यह चालान निपटाने का महत्वपूर्ण अवसर है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लोक अदालत के बाद लंबित चालान नहीं पटाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर जारी ई-चालान को जमा करने के लिए प्रारंभिक तौर पर 90 दिनों का समय दिया जाता है। यदि इस अवधि में भुगतान नहीं किया जाता तो मामला स्वतः न्यायालय में स्थानांतरित हो जाता है, जहां करीब 45 दिन की अतिरिक्त अवधि मिलती है। कुल 135 दिनों के भीतर भी चालान जमा नहीं करने पर वाहन जब्ती सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
लोक अदालत में केवल उन्हीं ई-चालानों का निपटारा किया जाएगा, जो 15 अक्टूबर 2025 से पहले जारी हुए हैं और न्यायालय में स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके लिए 10 मार्च तक शहर के विभिन्न यातायात थानों में पंजीयन कराया गया था।
यातायात पुलिस द्वारा पंजीकृत वाहन मालिकों को मोबाइल कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से लोक अदालत में शामिल होने की सूचना भी दी जा रही है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने लंबित चालानों का निराकरण कर लें।
