रायपुर, 12 मार्च (वार्ता) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर दस साल बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के मैचों की मेजबानी करेगा।
आईपीएल 28 मार्च से शुरू होगा। करीब एक दशक बाद शहर को फ्रेंचाइजी क्रिकेट मैचों की मेजबानी का मौका मिला है।
इस दौरान रॉयल चैंलेज बेंगलुरुअपनी टीम के दो मुकाबले रायपुर में खेलेगी। हालांकि इन मैचों से राज्य क्रिकेट संघ को सीधे तौर पर बड़ी आर्थिक कमाई नहीं होगी।
अधिकारियों के अनुसार आईपीएल मुकाबलों में राज्य क्रिकेट संघ की भूमिका मुख्य रूप से स्टेडियम उपलब्ध कराने, पिच तैयार करने और स्थानीय स्टाफ की व्यवस्था करने तक सीमित रहती है।
क्रिकेट संघ के अधिकारियों के मुताबिक आयोजक संस्था बीसीसीआई की ओर से राज्य संघ को प्रत्येक मैच के लिए लगभग 60 लाख रुपये की होस्टिंग फीस दी जाती है। रायपुर में होने वाले दो मैचों के हिसाब से करीब 1.20 करोड़ रुपये की राशि मिलने का अनुमान है।
हालांकि इस राशि का बड़ा हिस्सा मैदान की देखरेख, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों के भुगतान और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं पर खर्च हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल मैचों से सबसे अधिक फायदा स्थानीय व्यापार और आतिथ्य सेवा क्षेत्र को होगा। टीमों, प्रसारण से जुड़े स्टाफ, प्रायोजकों और दर्शकों के रायपुर आने से होटल, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े व्यवसायों में तेजी आएगी। अनुमान है कि इन दो मैचों के दौरान शहर में लगभग सात से 11 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कारोबार हो सकता है।
राज्य क्रिकेट संघ और खेल विभाग के बीच हुए एमओयू के अनुसार संघ को हर वर्ष 1.5 करोड़ रुपये राज्य सरकार के खजाने में जमा करने होंगे। इसके अलावा आईपीएल के प्रत्येक मैच के लिए 30 लाख रुपये तथा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के आयोजन पर 20 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।
आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी के साथ रायपुर एक बार फिर राष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर प्रमुखता से उभरने जा रहा है, जिससे खेल गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
