इंदौर: जिले में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक के बाद होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है.शहर में त्यौहार और गैस किल्लत की खबरों से गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लगना शुरू हो गई. इसका कारण यह है कि ऑनलाइन गैस बुकिंग कंपनियों द्वारा 27 दिन से पहले नहीं की जा रही है. इससे परेशान होकर गैस उपभोक्ता एजेंसियों के कार्यालय पहुंचकर गैस सिलेंडर की मांग और पर्ची जारी लगने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचने लगे है. आज भी शहर की कई गैस एजेंसियों पर टंकी के लिए उपभोक्ता खाली टंकी लेकर न सिर्फ पहुंचे , बल्कि गैस एजेंसियों के कार्यालय पर पर्ची बनाकर देने की मांग करने लगे. गैस एजेंसियों के कर्मचारी टंकी की पर्ची की आनाकानी करने लगे तो वहां पर उपभोक्ताओं ने चिल्ला चोट शुरू कर दी. इससे गैस एजेंसियों पर टंकी देने का दबाव बढ़ गया है और कर्मचारी परेशान हो रहे हैं.
शहर में नहीं है कमीः कलेक्टर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में घरेलू गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है. उपभोक्ताओं को उक्त ज्वलनशील पदार्थ की उपलब्धता पर घबराने के जरूरत नहीं है. यह बात आज कलेक्टर ने तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद कही है. कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज कार्यालय में गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा बैठक की. बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए, आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे. किसी भी उपभोक्ता को परेशानी का सामना नहीं करना पढ़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए.
गैस एजेंसियों को पहले ही मिल चुका था आदेश
गैस एजेंसियों के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर नहीं देने का आदेश दो दिन पहले ही जारी हो चुका था. फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई केवल अस्पतालों को की जा रही है, जबकि होटल और रेस्टोरेंट को सप्लाई पूरी तरह रोक दी गई है. गैस एजेंसी के मैनेजर ने बताया कि उनकी एजेंसी से हर महीने 422 किलो के 36 टैंक और 19 किलो के लगभग 1500 कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई किए जाते थे. अब सप्लाई बंद होने से एजेंसी को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है और वितरण पहले की तरह जारी है. उन्होंने बताया कि पहले जहां सिलेंडर 15 दिन में बुक हो जाता था, अब इसे 25 दिन बाद बुक किया जा सकेगा. डिलेवरी का समय लगभग पॉच दिन लग रहा हैं.
केवाईसी और तकनीकी समस्याएं भी बनी वजह
नाम न बताने की शर्त पर गैस एजेंसी संचालक ने बताया कि कई उपभोक्ताओं ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं कराया है. इसके अलावा कई लोग मोबाइल या ऑनलाइन बुकिंग का उपयोग नहीं कर पाते, जिससे बुकिंग में समस्या आती है. इस व्यवस्था में सुधार की जरूरत है.
घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर सख्ती
जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने बताया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
घरेलू उपभोक्ताओं ने कहा…
अहिल्या नगर में रहने वाली एक गृहिणी ने बताया कि गैस सिलेंडर की बुकिंग सामान्य तरीके से हो रही है और उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं आई। उन्होंने कहा कि घर में दो सिलेंडर होने से एक उपयोग में रहता है और दूसरा एडवांस में रखा रहता है, जिससे किसी तरह की परेशानी नहीं होती। इस बार सिलेंडर आने में दिन जरूर लगे
मनीष पुरी कॉलोनी के पास रहने वाली सोनू वर्मा ने बताया कि गैस एजेंसी के बुकिंग नंबर से बुकिंग नहीं हो पा रही थी। इसके कारण उन्हें गैस एजेंसी जाना पड़ा, जहां जाकर सिलेंडर बुक करवाना पड़ा। उन्होंने बताया कि पहले जहां एक दिन में सिलेंडर मिल जाता था, अब चार से पांच दिन का समय लग रहा है।
होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की बढ़ी चिंता
इंदौर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सुरी ने बताया कि शहर में लगभग 10 से 12 हजार होटल रूम, 350 से 500 होटल और 2000 से अधिक रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं. इन सभी में कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग होता है.
अगर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद रहती है तो सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आने वाले पर्यटकों को होगी. इसके अलावा कुछ ही दिनों में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है और इंदौर में रोजाना करीब 200 से 300 शादियां होती हैं. ऐसे में कार्यक्रमों पर भी इसका असर पड़ सकता है. श्री सूरी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी चर्चा की है. मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इस विषय में जानकारी लेने और किसी भी प्रकार की आपदा जैसी स्थिति नहीं आने देने का आश्वासन दिया है.
56 दुकान ने दिखाई नई सोच
जहां देश के कई शहरों में व्यापारी और रेस्टोरेंट संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया है, वहीं इंदौर में अलग ही पहल देखने को मिली. 56 दुकान संगठन के अध्यक्ष कुंजन शर्मा ने बताया कि उनके पास एक-दो दिन का गैस स्टॉक है। इसके बाद वे इंडक्शन कुकिंग का उपयोग शुरू करेंगे. साथ ही सोलर एनर्जी की ओर भी कदम बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि इस संकट का समाधान निकाला जा सके और नई सोच के साथ आगे बढ़ा जा सके.
