वॉशिंगटन, 11 मार्च (वार्ता) फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (फीफा) के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा है कि ईरान की राष्ट्रीय टीम अभी भी 2026 फीफा विश्व कप में भाग ले सकती है। उन्होंने टूर्नामेंट के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ सीधी बातचीत के बाद यह घोषणा की।
इन्फेंटिनो के साथ बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान का इस गर्मी के विश्वकप में हिस्सा लेने के लिए ‘स्वागत’ है, भले ही दोनों देश युद्ध में हों। सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर पोस्ट में इन्फेंटिनो ने कहा कि वह अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में होने वाले वैश्विक टूर्नामेंट की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को ट्रंप से मिले। इन्फेंटिनो ने कहा कि उन्होंने और ट्रंप ने ‘ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में बात की।’ इन्फेंटिनो ने कहा, “बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया कि ईरानी टीम का अमेरिका में होने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए स्वागत है। हम सभी को अब पहले से कहीं अधिक लोगों को एक साथ लाने के लिए फीफा विश्वकप जैसे टूर्नामेंट की आवश्यकता है, और मैं अमेरिका के राष्ट्रपति को उनके सहयोग के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं, क्योंकि यह एक बार फिर दिखाता है कि फुटबॉल दुनिया को जोड़ता है।”
फीफा विश्वकप में ईरान का सामना 15 और 21 जून को लॉस एंजेलिस में न्यूजीलैंड और बेल्जियम से और 26 जून को सिएटल में मिस्र से होना है।
उल्लेखनीय है कि ईरान को अमेरिका में तीन मैच खेलने हैं, लेकिन इस महीने अमेरिका और इजराइल के हमले करने के बाद से उनके खेलने पर संशय बना है। इस हमले में ईरान के सर्वौच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और चार खाड़ी अरब देशों बहरीन, कुवैत, कतर और यूनाइटेड अरब अमीरात में स्थिति अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की महिला टीम के छह सदस्यों को उनकी सुरक्षा की चिंताओं के चलते मानवीय आधार पर वीजा दिए हैं। एएफसी एशियन कप से टीम के बाहर होने के बाद ईरान के शेष खिलाड़ियों ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया छोड़ दिया। ऑस्ट्रेलिया के गृहमंत्री टोनी बर्क ने कहा कि सात लोगों को शरण दी गई थी, लेकिन बाद में एक महिला ने अपना मन बदल लिया और घर लौटने का फैसला किया।

