नयी दिल्ली, 10 मार्च (वार्ता) आम आदमी पार्टी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार ने खुद को दिल्ली का अभिभावक कहने वाले उप राज्यपाल वीके सक्सेना को उनकी सही जगह दिखा दी है और उनका पहले दिल्ली से लद्दाख तबादला कर दिया और अब दिल्ली सरकार के विज्ञापनों में पहले नंबर से खिसका कर चौथे नंबर पर लाकर सार्वजनिक बेइज्जती कर दी है।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को विभिन्न अखबारों में छपे विज्ञापनों को सोशल मीडिया पर साझा कर श्री सक्सेना के इस हालत पर अफसोस जताई है। उन्होंने कहा कि ये वही श्री सक्सेना हैं, जो खुद को दिल्ली का अभिभावक बताते थे और अरविंद केजरीवाल की सरकार में बोर्ड पर अपना नाम मुख्यमंत्री से ऊपर लिखवाते थे। ऐसा लग रहा है कि कोर्ट में केंद्र सरकार और सीबीआई की जो पोल खुल रही है, उसका सारा ठीकरा श्री सक्सेना पर फोड़ा जा रहा है।
श्री भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के सभी बड़े-बड़े अखबारों में आज सरकार द्वारा एक पेज का विज्ञापन छपा है। उसमें खास बात यह है कि उपराज्यपाल विनय सक्सेना को सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया गया है और उन्हें उनकी जगह दिखाई गई है। श्री केजरीवाल के समय एक दौर था, जब ये अपना नाम मुख्यमंत्री से ऊपर बोर्ड्स पर लिखवाया करते थे और इनका नाम सबसे आगे आता था। लेकिन मंगलवार को अखबारों में छपे विज्ञापन में सबसे ऊपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम है। इसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम है। तीसरे नंबर पर केंद्र सरकार के राज्य मंत्रियों के नाम हैं और चौथे नंबर पर श्री सक्सेना का नाम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से दिल्ली की अदालत ने केंद्र सरकार और सीबीआई की पोल खोली है, उससे पूरी केंद्र सरकार और सीबीआई की विश्वस्तनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा है और उनकी भारी बेइज्जती हुई है। इससे लगता है कि इस विफलता की पूरी जिम्मेदारी अब श्री सक्सेना साहब के सिर मढ़ी जा रही है, इसीलिए उन्हें इस प्रकार सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा रहा है।
