
इंदौर। सिमरोल पुलिस ने क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो शातिर चोरों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क और मफलर बांधकर चोरी की स्कूटी से वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने उनके पास से चोरी का भारी-भरकम पीतल का घंटा और वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कूटी बरामद की है।
सिमरोल थाना प्रभारी अमित कुमार के अनुसार, पिछले कुछ समय से क्षेत्र के मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा था। 12 फरवरी की रात ग्राम चोरल स्थित परमहंस आश्रम के शिव मंदिर से पीतल का घंटा चोरी हुआ था। इसके बाद 4 मार्च को ग्राम मेंमदी के हनुमान मंदिर और ग्राम दतोदा के गणेश मंदिर से भी पीतल के घंटे, घंटियां और तांबे के लोटे चोरी होने की शिकायतें मिली थीं।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
लगातार हो रही चोरियों को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की और कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो संदिग्ध बिना नंबर की सफेद एक्टिवा स्कूटी पर चेहरे ढंककर घूमते नजर आए। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध युवक तलाइनाका तिराहा की ओर आ रहे हैं। घेराबंदी कर जब स्कूटी सवार राहुल मावी निवासी ग्राम गुंजारा और राज चौहान निवासी ग्राम कोदरिया, महू को रोका गया, तो उनके पास से करीब 25 किलो वजनी पीतल का घंटा बरामद हुआ।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने कबूल किया कि वे नशे की लत को पूरा करने के लिए मंदिरों में चोरी करते थे। उन्होंने चोरल, मेंमदी और दतोदा के मंदिरों में चोरी करना स्वीकार किया है। जांच में यह भी सामने आया कि जिस सफेद एक्टिवा का वे उपयोग कर रहे थे, वह उनके एक साथी ने किशनगंज थाना क्षेत्र से चोरी की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय से रिमांड लेकर अन्य वारदातों और चोरी किए गए बाकी सामान के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
