
नई दिल्ली। देश में एलपीजी की आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। होटल, रेस्त्रां और अन्य गैर-घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों की समीक्षा के लिए सरकार ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है, जिसके समक्ष अपनी आवश्यकता दर्ज कराने के लिए तेल विपणन कंपनियों ने ई-मेल आईडी जारी की हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने से सरकार ने गैर-घरेलू क्षेत्रों में गैस वितरण को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है। हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को पहले की तरह गैस आपूर्ति जारी रहेगी। अन्य संस्थानों को गैस तभी उपलब्ध कराई जाएगी, जब समिति यह संतुष्ट हो जाएगी कि संबंधित उपभोक्ता को गैस की वास्तविक और अनिवार्य आवश्यकता है।
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों वाली इस समिति में इंडियन ऑयल के के. शैलेंद्र, भारत पेट्रोलियम के टी.वी. पांडियन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ध्रुव कपिल शामिल हैं। कंपनियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से समिति के संपर्क के लिए ई-मेल आईडी भी सार्वजनिक की हैं।
इस बीच, सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके। तेल शोधन कंपनियों को घरेलू जरूरतों के लिए उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि गैर-घरेलू मांग को मुख्यतः आयातित एलपीजी से पूरा करने की योजना बनाई गई है। साथ ही उद्योगों के लिए प्राकृतिक गैस आपूर्ति में कटौती के आदेश भी जारी किए गए हैं।
