भोपाल: मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में देश की सिविल सेवा परीक्षा के टॉप-10 में स्थान पाने वाले दो मध्य प्रदेश के युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही किसानों, युवाओं और पर्यटन से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी प्रदान की गई।सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर पहली बार 40 रुपये का बोनस जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत किसानों से गेहूं 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। इसके अलावा उड़द की फसल पर भी किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया गया है।
बैठक में स्वामित्व योजना के तहत उन 46 लाख परिवारों को राहत देने का निर्णय लिया गया, जिनके पास अपने मकान या भूमि के स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं। इन परिवारों की रजिस्ट्री कराए जाने पर स्टांप शुल्क माफ किया जाएगा। इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।पर्यटन के क्षेत्र में भी प्रदेश को बड़ी उपलब्धि मिली है। पचमढ़ी को जर्मनी द्वारा “ग्रीन डेस्टिनेशन” के रूप में प्रमाणित किया गया है, जिसे राज्य के पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।कैबिनेट ने सात विभागों की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता के लिए 33,240 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। वहीं मैहर, कैमूर और निमरानी के अस्पतालों में स्टाफ के 51 पदों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
इसके अलावा युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को एक वर्ष के लिए इंटर्न के रूप में अनुबंधित किया जाएगा और यह योजना तीन वर्षों तक संचालित होगीइस कार्यक्रम के माध्यम से डिजिटलीकरण के जरिए विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। युवाओं का चयन अटल बिहारी सुशासन संस्थान द्वारा किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश में लगभग 4860 युवा इंटर्न के रूप में कार्य करेंगे और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी व फीडबैक देने का काम करेंगे।
