तेहरान/वॉशिंगटन | ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के 11वें दिन एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ईरानी सरकारी टीवी ने आधिकारिक घोषणा की है कि दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे, मोजतबा खामेनेई को देश का नया उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान के कई शहरों में भीषण धमाके सुने गए हैं और इजराइल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है, जहाँ अब तक 486 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने चेतावनी दी है कि जब तक संघर्ष जारी रहेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) वैश्विक व्यापार के लिए असुरक्षित बना रहेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान “बहुत जल्द” समाप्त हो सकता है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हफ्ता निर्णायक होगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अब तक ईरान के 5000 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी फोन पर इस मसले पर लंबी चर्चा की है। अमेरिका का दावा है कि उनके हमलों में B-2 स्टील्थ बॉम्बर और F-35 जैसे आधुनिक विमानों ने ईरान के सुरक्षा ढांचे और मिसाइल प्रणालियों को भारी नुकसान पहुँचाया है।
युद्ध के बीच वैश्विक तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। ट्रंप के युद्ध समाप्ति के संकेतों के बाद कच्चे तेल की कीमतें, जो $119 प्रति बैरल तक पहुँच गई थीं, अब गिरकर $92 के करीब आ गई हैं। हालांकि, खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान के जवाबी हमलों ने चिंता बरकरार रखी है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहता है, तो दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें आगामी कुछ घंटों पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में यह भीषण संघर्ष विराम की ओर बढ़ेगा।

