
जबलपुर। मानदेय की वार्षिक वृद्धि रोके जाने और एरियर के भुगतान न होने की वजह से जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों में सरकार और मेडिकल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल डीन को पत्र सौंपकर अल्टीमेटम भी दे दिया है कि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं होतीं तो मेडिकल के सभी जूनियर डॉक्टर्स 16 मार्च से हड़ताल पर चले जाएंगे। जूडा के इस अल्टीमेटम ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को खतरे में डाल दिया है जिसको लेकर मेडिकल प्रशासन भी चिंतित हो चुका है।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन, मप्र के अध्यक्ष डॉ महेंद्र प्रताप व जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन जबलपुर के अध्यक्ष डॉ. शुभांशू शर्मा ने नवभारत को बताया कि उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से मिले आश्वासन के बाद प्रस्तावित हड़ताल को 16 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। क्योंकि उप मुख्यमंत्री ने मानदेय में वार्षिक वृद्धि और लंबित एरियर के भुगतान की मांगों पर 5 से 7 दिन के अंदर ठोस निर्णय सामने लाने की बात कही है। जानकारी के अनुसार सोमवार को मेडिकल के जूनियर डॉक्टरों का समूह उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से मुलाकात करने उनके पास पहुंचा और उन्होनें मांग की कि जूनियर डॉक्टरों के मानदेय की वार्षिक वृद्धि को शुरू किया जाए और वर्ष 2025 से लेकर अभी तक के बीच का एरियर भुगान उन्हें किया जाए। जिस पर उप मुख्यमंत्री ने जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों का जल्द निराकरण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद जूनियर डॉक्टर वापस मेडिकल अस्पताल आ गए थे। उप मुख्यमंत्री के इस आश्वसन के बाद मप्र के जूनियर डॉक्टरों के साथ जबलपुर के जूनियर डॉक्टरों ने फैसला लिया कि वे अपनी प्रस्तावित हड़ताल 16 मार्च तक स्थगित रखेंगे। यदि 16 मार्च तक उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर जाने बाध्य रहेंगे।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा मानदेय में वार्षिक वृद्धि का प्रावधान था जिसे वर्ष 2021 से लेकर 2024 तक लागू किया गया। लेकिन वर्ष 2025 से मानदेय में 3 से 4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को प्रशासनिक उदासीनता के चलते रोक दिया गया। इसी को लेकर जूनियर डॉक्टर अब हड़ताल पर जाने की बात कहते नजर आ रहे हैं।
डीन को सौंपा गया चेतावनी पत्र
जूनियर डॉक्टर एसोएिशन जबलपुर के अध्यक्ष डॉ. शुभांशु शर्मा ने नवभारत को बताया कि सोमवार को मेडिकल डीन डॉ. नवनीत सक्सेना को पत्र सौंपा गया है जिसमें उन्हें बताया गया है कि कुछ दिन तक बस मेडिकल के जूनियर डॉक्टर इंतजार करेंगे , अगर इस बीच में उनकी मांगें पूरी हो जातीं हैं तो सब ठीक होगा नहीं तो मेडिकल के सभी जूनियर डॉक्टर्स 16 मार्च से हड़ताल पर चले जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और मेडिकल प्रशासन की होगी। श्री शर्मा ने यह भी बताया कि लंबित मानदेय की वार्षिक वृद्धि की मांग को लेकर पिछले दो दिन से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जूनियर डॉक्टर्स विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। हालांकि प्रस्तावित हड़ताल में जूनियर डॉक्टर द्वारा ओपीडी और रेगुलर मरीजों की सुविधा को पूरी तरह बंद रखा जाएगा , इस दौरान सिर्फ इमरजेंसी ओपीडी और इमरजेंसी ऑपरेशन सुविधा बस शुरू रहेगी।
