
नीमच। शहर के उप नगर नीमच सिटी में रंगपंचमी के अवसर पर गेर का आयोजन किया गया। साथ ही पलाश के फूलों से तैयार किए गए प्राकृतिक रंगों से होली खेली गई। नीमच सिटी में रंगपंचमी पर गेर निकालने की परंपरा करीब 50 वर्षों से अधिक पुरानी है। इसके लिए पलाश के फूलों से प्राकृतिक रंग तैयार कर होली खेली गई। बताया जा रहा है कि सालों पुरानी परंपरा के अनुसार शहर में उप नगर छावनी में होली पर गैर निकलती है। जबकि रंगपंचमी पर नीमच सिटी में गेर निकलने की परंपरा है। करीब 50 वर्षों से अधिक पुरानी इसी परंपरा का रविवार को रंग पंचमी पर अनुसरण किया गया। इस दौरान गेर के आयोजन से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों और सदस्यों द्वारा पहले छोटी गेर निकाली गई, यह गेर नृसिंह मंदिर से प्रमुख मार्गों तक गई जिसके माध्यम से लोगों को आमंत्रण दिया गया।
इसके बाद प्रात: 11 बजे ढोल डीजे बैंड नगाड़ों के साथ विभिन्न प्रकार के सवांग्धारियों से सुसज्जित रंग बिरंगी गुलाल से भरे वातावरण में एक रंगारंग गैर सरदार मोहल्ला चौक से प्रारंभ होकर नीमच सिटी के प्रमुख मार्गों से होते हुई निकली जो पुन: सरदार मोहल्ला चौक पहुंची। सर्व समाज की इस गेर में गुलाल और पलाश के फूलों से तैयार प्राकृतिक रंगों से होली खेली गई। इसके लिए करीब दो कढ़ावों में पलाश के फूलों से प्राकृतिक रंग बनाया गया। करीब दो क्विंटल से अधिक पलाश के फूलों से रंग तैयार किया गया था। इसकी मदद से होली खेली गई और रंगपंचमी का त्योहार मनाया गया।
गैर में अखाड़ा प्रदर्शन, बाना पार्टी, डीजे की धुन और होली के गीतों पर लोग मस्ती के साथ नृत्य करते हुए चल रहे थे। युवाओं ने लोकगीतों की धुन पर नृत्य कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। जुलूस के दौरान चारों ओर रंगों की बौछार और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
आयोजकों ने बताया कि नीमच सिटी में रंग पंचमी की गैर ग्वालियर स्टेट के समय से चली आ रही वर्षों पुरानी परंपरा है, जो शहर की सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से समाज में मेलजोल, सौहार्द और सनातन संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाता है। रंगों, संगीत और उल्लास से सराबोर इस आयोजन में शहरवासियों ने बढ़-चढक़र भाग लिया और रंग पंचमी का पर्व पूरे उत्साह और आनंद के साथ मनाया।
