मुंबई, 07 मार्चा (वार्ता) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित 50 करोड़ डॉलर के साझा (सिंडिकेटेड) सामाजिक सावधि ऋण सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इसमें ग्रीनशू का विकल्प भी रखा गया है यानी अतिरिक्त ऋण भी दिया जा सकता है। यह एसबीआई और पर्यावरण, सामाजिक तथा प्रशासनिक वित्त पोषण के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है। उसने बताया कि यह “लैंगिक भेदभाव” को कम करने के लिए एसबीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-5 (लैंगिक समानता प्राप्त करना और सभी महिलाओं एवं लड़कियों को सशक्त बनाना) में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
एसबीआई के अध्यक्ष सी.एस. शेट्टी ने कहा, “इस महिला दिवस पर हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि एक जिम्मेदार संगठन के रूप में हम महिला सशक्तिकरण को सतत विकास की आधारशिला के रूप में बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और सभी हितधारकों के लिए एक समावेशी समाज बनाने की हमारी क्षमता पर भी निर्भर करती है।” एसबीआई ने पहली बार साझा सावधि ऋण की घोषणा की है। इसके तहत एक से अधिक बैंक या वित्तीय संस्थान मिलकर कोई बड़ा ऋण देते हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह लैंगिकता की थीम पर आधारित दुनिया का सबसे बड़ा ऋण होगा।

