युवा चिकित्सकों का सम्मान स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को मजबूत करेगा: जितेंद्र सिंह

नयी दिल्ली, 05 मार्च (वार्ता) केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यहां गुरुवार को कहा कि युवा चिकित्सकों का सम्मान करना स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को मजबूत करेगा। श्री सिंह ने देशभर के 26 युवा चिकित्सा विशेषज्ञों के सम्मान समारोह में यह बात कही जिन्होंने चिकित्सा के अलग अलग क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन चिकित्सा विशेषज्ञों में ऑन्कोलॉजी (कैंसर विशेषज्ञ), पीडियाट्रिक्स (बालरोग), एंडोक्रोनोलॉजी (हार्मोन संतुलन), ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग) और इमरजेंसी मेडिसिन (आपात चिकित्सा) जैसी कई विशेष क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने इस अवसर पर आयोजन करने वाले संस्थान की सराहना की और कहा कि इन चिकित्सा विशेषज्ञों को उनके करियर के शुरुआती दौर में सम्मानित करना मेरे लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि करियर के शुरुआती दौर में पुरस्कार मिलना न केवल उनके कार्यों की पहचान है, बल्कि आगे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरणा भी देता है।

श्री सिंह ने कहा कि युवा चिकित्सकों को प्रारंभिक अवस्था में प्रोत्साहित करना देश की स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को मजबूत करने के लिए भी जरूरी है। इससे चिकित्सा पेशेवरों में उत्कृष्टता हासिल करने और तेजी से बदलती चिकित्सा दुनिया के अनुरूप अपने ज्ञान को लगातार अद्यतन (अपडेट) रखने की प्रेरणा मिलती है। श्री सिंह ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि इस समारोह में बड़ी संख्या में युवा चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को समय रहते पहचानना न केवल आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि युवा डॉक्टरों को समाज की सेवा के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है। श्री सिंह ने स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि चिकित्सा जगत इस समय नई तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के कारण एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। तकनीक ने जहां रोगों की पहचान और उपचार को अधिक प्रभावी बनाया है, वहीं डॉक्टर की भूमिका आज भी अपरिहार्य बनी हुई है, क्योंकि अनुभव और चिकित्सकीय समझ रोगी की देखभाल में अहम भूमिका निभाते हैं। श्री सिंह ने चिकित्सा शिक्षा के पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि पहले चिकित्सा अध्ययन में कुछ विशेष रोगों, जैसे सिफलिस या डायबिटीज, के माध्यम से पूरे चिकित्सा विज्ञान को समझने का प्रयास किया जाता था। लेकिन आज चिकित्सा क्षेत्र का दायरा काफी विस्तृत हो चुका है और कई नई विशेषज्ञताएँ तथा उपचार पद्धतियाँ विकसित हो चुकी हैं।

श्री सिंह ने कहा कि तकनीकी प्रगति, नई बीमारियों का उभरना और स्वास्थ्य संबंधी बदलती जरूरतों ने चिकित्सा क्षेत्र को पहले की तुलना में अधिक जटिल बना दिया है। ऐसे समय में युवा डॉक्टरों को किसी एक विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने और लगातार अपने ज्ञान को अद्यतन रखने की आवश्यकता है। श्री सिंह ने कोविड-19 के बाद के स्वास्थ्य परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज संक्रामक रोगों के साथ-साथ जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ भी स्वास्थ्य प्रणालियों के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभर रही हैं। इसलिए चिकित्सा पेशेवरों के लिए विशेष ज्ञान और निरंतर सीखना पहले से अधिक आवश्यक हो गया है। श्री सिंह ने सम्मानित युवा डॉक्टरों पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में इनमें से कई डॉक्टर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करेंगे और संभव है कि भविष्य में वे अपने जीवनभर के योगदान के लिए फिर से सम्मानित हों।

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