शहर के हर वार्ड में स्वच्छ और निर्बाध जल आपूर्ति निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता,जल प्रदाय टास्क फोर्स गठित: महापौर

रीवा। शहर में जल प्रदाय व्यवस्था एवं सीवरेज को लेकर नगर पालिक निगम रीवा के महापौर अजय मिश्रा बाबा ने शहर में वर्तमान जल आपूर्ति की स्थिति, वितरण व्यवस्था, पेयजल से जुड़ी चुनौतियों एवं उन्हें सुधारने हेतु नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि शहर के हर वार्ड में स्वच्छ और निर्बाध जल आपूर्ति निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

रीवा में गंदे पानी की समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि नगर निगम की टीम पूरी तरह सतर्क है. जल प्रदाय की टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो दूषित पानी से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण करेगी. महापौर ने बताया कि इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति के कारण लगभग 200 लोग अस्पताल में भर्ती हुए तथा 14 लोगों की मृत्यु होना अत्यंत दुखद है. उक्त घटना को दृष्टिगत रखते हुए रीवा नगर निगम पूरी तरह सजग है. उन्होंने कहा कि वैसे तो नगर निगम द्वारा पूर्व से ही एहतियाती व्यवस्थाएँ की गई थीं, परंतु इंदौर की घटना के पश्चात निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया गया है. इसके लिए जल प्रदाय परियोजनाओं की निरंतर समीक्षा की जा रही है तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. जलकर वसूली में कार्यरत 15 कर्मचारियों को अतिरिक्त दायित्व सौंपे गए हैं, जिनके द्वारा जल आपूर्ति के समय यह परीक्षण किया जाएगा कि कहीं दूषित पानी, लो-प्रेशर अथवा जल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति तो नहीं है. इन सभी बिंदुओं पर प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत ली जाएगी एवं आवश्यक सुधार टास्क फोर्स टीम द्वारा सुनिश्चित की जाएगी.

50 करोड़ की मांग शासन को प्रेसित की गई है

महापौर ने बताया कि योजनाएँ प्राय: उपलब्ध फंड के अनुरूप बनाई जाती हैं, जबकि आवश्यकता के अनुसार योजना हेतु फंड की जरूरत होती है. इस बार शहर को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु संपूर्ण नगर क्षेत्र को कवर करते हुए विस्तृत योजना बनाई गई है, जिसकी कुल लागत 162 करोड़ रुपये है. उक्त योजना का कार्य प्रगतिरत है एवं इसे मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. साथ ही, बिना वित्तीय बाधा के समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने हेतु 50 करोड़ रुपये की मांग शासन को प्रेषित की गई है. महापौर ने बताया कि वर्तमान में रीवा नगर में कुल 58 एमएलडी जल उत्पादन क्षमता के माध्यम से जल आपूर्ति की जा रही है. इसके अंतर्गत 24 जल भंडारण टंकियों की कुल 228.70 लाख लीटर क्षमता उपलब्ध है तथा लगभग 555 किलोमीटर लंबाई की वितरण पाइपलाइन के माध्यम से जल आपूर्ति संचालित की जा रही है. वर्तमान व्यवस्था से लगभग 45 हजार घरेलू नल कनेक्शनों को नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जबकि अतिरिक्त 15 हजार नल कनेक्शन प्रगतिरत हैं.

पांच वार्डो में दूषित पानी की शिकायते

महापौर ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत जल प्रदाय प्रणाली के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तीव्र गति से प्रगतिरत है. इसके अंतर्गत जल उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 95 एमएलडी, जल भंडारण क्षमता को 36 टंकियों के माध्यम से 410 लाख लीटर, तथा वितरण पाइपलाइन को लगभग 1000 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाना प्रस्तावित है. दूषित पानी की समस्या को लेकर महापौर ने बताया कि जहां जल पाइपलाइन के ऊपर नाली का निर्माण किया गया है, वहां लीकेज के कारण समस्या उत्पन्न होती है. इसके समाधान हेतु 60 किलोमीटर पाइपलाइन शिफ्टिंग का प्रावधान किया गया है. उन्होंने बताया कि मुख्यत: वार्ड क्रमांक 12 खुटेही, वार्ड 11 पंप हाउस, वार्ड 15 एवं 16 आज़ाद नगर तथा वार्ड 14 संजय नगर क्षेत्रों में दूषित पानी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जहां शीघ्र पाइपलाइन शिफ्टिंग का कार्य कराया जाएगा.

पेनाल्टी लगाने और एनओसी की व्यवस्था लागू

महापौर ने यह भी बताया कि गैस पाइपलाइन, टेलीफोन लाइन एवं नाली निर्माण से जुड़ी एजेंसियों द्वारा जल पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त किए जाने के कारण भी दूषित पानी की समस्या उत्पन्न होती है. इस पर निगम द्वारा लगातार पेनाल्टी की कार्रवाई की जा रही है तथा कार्य प्रारंभ करने से पूर्व अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की व्यवस्था लागू की गई है, जहां भी एजेंसियों द्वारा पाइपलाइन क्षतिग्रस्त की गई है, वहां गुणवत्तापूर्ण सुधार कराया जाएगा, अन्यथा पेनाल्टी लगाकर निगम द्वारा सुधार कार्य कराया जाएगा. महापौर ने बताया कि शहर में सीवरेज का कार्य भी पूर्णता की ओर है एवं अंतिम चरणों में है. हाउस सर्विस कनेक्शन पूर्ण होने के पश्चात नालियों में गंदे पानी की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आएगी.

Next Post

मुकुन्दपुर जू में 20 वर्षीय वयोवृद्ध मादा तेंदुए की मृत्यु, किया गया अंतिम संस्कार

Mon Jan 5 , 2026
सतना। महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी एंड जू मुकुन्दपुर में लंबे समय से रह रही एक 20 वर्षीय मादा तेंदुआ (पन्ना) की शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 की सुबह इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मादा तेंदुए को 12 दिसंबर 2020 को दक्षिण पन्ना वनमण्डल के मोहन्द्रा परिक्षेत्र (बीट […]

You May Like