नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के कारण घरेलू सराफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में आग लग गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना ₹2,157 की भारी बढ़त के साथ ₹1,63,265 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी में भी जबरदस्त तेजी देखी गई और मई की कॉन्ट्रैक्ट डिलीवरी वाली चांदी ₹5,781 के उछाल के साथ ₹2,71,099 प्रति किलो के पार निकल गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने की तरफ धकेल दिया है।
वैश्विक स्तर पर भी पीली धातु की चमक तेज बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1% की वृद्धि के साथ 5,138.46 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में 19% और चांदी में 16% तक की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी ने भी भारतीय बाजार में इन कीमती धातुओं के दाम बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। होली के त्योहारी सीजन में इस अचानक आई तेजी ने आम खरीदारों के बजट को हिलाकर रख दिया है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि के लिए सोना और चांदी अभी भी बेहतरीन निवेश विकल्प बने हुए हैं, लेकिन मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए नए सौदे करने में सावधानी बरतने की जरूरत है। फिलहाल MCX पर सोने का रेजिस्टेंस ₹1,63,500 से ₹1,65,800 के बीच देखा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि जब तक युद्ध की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक कीमतों में स्थिरता आने की संभावना कम है। ऐसे में छोटे निवेशकों को बाजार के थोड़ा शांत होने का इंतजार करना चाहिए, हालांकि सुरक्षित संपत्ति के रूप में इसकी मांग लगातार बनी रहने की उम्मीद है।

