तेहरान | ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने अब दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल सप्लाई चेन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खतरे में डाल दिया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस जलमार्ग को पूरी तरह बंद करने की आधिकारिक घोषणा करते हुए चेतावनी दी है कि यहाँ से गुजरने वाले किसी भी जहाज को तुरंत आग के हवाले कर दिया जाएगा। चूंकि दुनिया के कुल तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है, इस धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हड़कंप मच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग बंद हुआ, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, जो सऊदी अरब, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों के लिए निर्यात का एकमात्र समुद्री रास्ता है। ईरान के ब्रिगेडियर जनरल सरदार इब्राहिम जबारी ने स्पष्ट किया है कि अब इस क्षेत्र पर कड़ा सैन्य पहरा रहेगा। हालांकि सऊदी अरब के पास कुछ वैकल्पिक पाइपलाइनें हैं, लेकिन वे पूरे वैश्विक निर्यात को संभालने में सक्षम नहीं हैं। चीन सहित कई एशियाई देशों को होने वाली गैस और ईंधन की आपूर्ति ठप होने की कगार पर है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका है।
ईरान के भीतर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अब सरकार से भी अधिक शक्तिशाली होकर स्वतंत्र सैन्य फैसले ले रही है। 1980 के ऐतिहासिक ‘टैंकर युद्ध’ के बाद यह पहली बार है जब ईरान ने इस तरह की पूर्ण नाकाबंदी का ऐलान किया है। अमेरिका और इजराइल के साथ जारी सीधे सैन्य संघर्ष के बीच इस कदम को आत्मघाती माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस जलमार्ग में कोई भी छोटी सी सैन्य झड़प एक बड़े महायुद्ध की चिंगारी बन सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस समुद्री गलियारे पर टिकी हैं, जहाँ से उठने वाला धुआं तीसरे विश्व युद्ध की आहट दे रहा है।

