नवाचार: अब मंदिरों के अर्पित फूलों से महकेगा होली त्यौहार: महापौर

जबलपुर। ‘कबाड़ से कमाल की सफलता के बाद अब निगम ने मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों को पुनर्चक्रित कर उनसे स्वदेशी उत्पाद बनाने की अनूठी पहल की है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार की पारदर्शी और दूरदर्शी कार्यप्रणाली के चलते, अब शहर के मंदिरों में चढ़ाए गए फूल कचरे का हिस्सा नहीं बनेंगे, बल्कि आपके होली के त्यौहार में रंगों और खुशबू की मिठास घोलेंगे। इस गुलाल का नाम अर्पण रखा गया है जो कि अगले वर्ष कम दाम में बाजार में उपलब्ध होगा। फूलों से अर्पण गुलाल बनाने का काम स्व सहायता समूूह की महिलाएं कर रहीं हैं जिन्हें रोजगार का अवसर भी मिल रहा है। अभी सैंपल के तौर पर एक हजार अर्पण गुलाल के पैकेट तैयार किए गए हैं, आने वाले साल में बड़ी तादाद में फूलों से गुलाल को तैयार किया जाएगा।

ये सारी बातें महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू , निगमायुक्त ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहीं।

इस मौके पर उन्होंने बताया कि नगर निगम ने वेस्ट टू वेल्थ (कचरे से संपदा) के मंत्र को चरितार्थ करते हुए एक नई पहल शुरू की है। इस नवाचार के अंतर्गत शहर के सभी प्रमुख मंदिरों से श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए फूलों को विशेष वाहनों के माध्यम से एकत्रित किया जा रहा है। इन फूलों को बलदेवबाग स्थित कंपोस्ट प्लांट में सुरक्षित पहुंचाया जाता है। प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक से इन फूलों को प्रोसेस कर हर्बल गुलाल, आकर्षक रंगोली, सुगंधित अगरबत्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जा रही है। इसके अलावा धूप बत्ती के साथ इससे अगरबत्ती भी बनाने का कार्य किये जा रहे हैं।

ये था उद्देश्य

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने ये भी बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। अक्सर मंदिरों का निर्माल्य (पुराने फूल) नदियों या खुले स्थानों पर फेंका जाता था, जिससे प्रदूषण होता था अब नगर निगम की इस पहल से नदियों और तालाबों को भी प्रदूषित होने से बचाया जायेगा।

प्राकृतिक तरीके से तैयार किया जा रहा गुलाल

महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि नगर निगम द्वारा ‘वेस्ट टू वेल्थ की संकल्पना को साकार करते हुए मंदिरों से प्राप्त वेस्ट फूलों से प्राकृतिक गुलाल तैयार किया जा रहा है। मंदिर में अर्पित फूलों को प्राकृतिक विधि से सुखाकर बारीक पीसा जाता है तथा प्राकृतिक बेस पाउडर एवं फूड कलर को हल्के एसेंशियल ऑयल की सुगंध के साथ पूर्णत: नेचुरल तरीके से गुलाल निर्मित किया जाता है। यह गुलाल रसायनमुक्त, पर्यावरण हितैषी एवं त्वचा के लिए पूर्णत: सुरक्षित है। नगर निगम का यह अभिनव प्रयास स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। पत्रकारवार्ता के दौरान निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम के अध्यक्ष रिकुंज विज, एमआईसी डॉं. सुभाष तिवारी, विवेकराम सोनकर, अंशुल राघवेन्द्र यादव, रजनी कैलाश साहू आदि उपस्थित रहे।

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