ब्रासीलिया | ब्राजील के दक्षिण-पूर्वी प्रांत मिनस गेरेस में कुदरत ने भीषण तबाही मचाई है, जहाँ पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 68 लोगों की जान जा चुकी है। इस त्रासदी का सबसे भयानक मंजर जुइज डे फोरा शहर में दिखा, जहाँ अकेले 62 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। नदियों के उफान और भूस्खलन के कारण सैकड़ों घर जमींदोज हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत दल युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटे हैं, क्योंकि मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने का डर सता रहा है।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में भारी मशीनरी, ड्रोन और खोजी कुत्तों की तैनाती की है ताकि मलबे में दबे लापता लोगों का सुराग लगाया जा सके। जुइज डे फोरा और उबा शहरों में अभी भी कई लोग लापता हैं, जिनके परिजन मलबे के ढेर के पास अपनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सड़कों पर पेड़ गिरने और पुलों के बह जाने से प्रभावित इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे बचाव दल को आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। रक्षा मंत्रालय ने इमरजेंसी सेवाओं के तहत सेना की विशेष टुकड़ियों को भी राहत कार्य में लगा दिया है।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मिनस गेरेस के गवर्नर रोमियो जेमा ने राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। सरकार ने बेघर हुए लोगों के लिए अस्थायी शिविर स्थापित किए हैं और भोजन व चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति के लिए हवाई मार्ग का उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बुनियादी ढांचे को हुए इस भारी नुकसान की भरपाई और सामान्य जनजीवन की बहाली में अभी लंबा समय लग सकता है।

