पाक और अफगान के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध में हस्तक्षेप करने के संकेत दिए हैं, वहीं दुनिया के कई देशों ने शांति की अपील की है।
सरहद पर मचे घमासान और गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच अब दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति की नजरें इस विवाद पर टिक गई हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच छिड़ी इस जंग ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है क्योंकि दोनों तरफ से भारी हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है। एशियाई संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले को सुलझाने के लिए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर शांति के लिए जरूरत पड़ी तो वे खुद इस मसले में दखल देने को तैयार हैं।
सीमा पर तनाव और ट्रंप का बयान
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर हालात अब बेहद गंभीर हो गए हैं और दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलों और घातक ड्रोनों से हमला कर रहे हैं। इस खूनी संघर्ष और लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि “हां, मैं हस्तक्षेप करूंगा” ताकि शांति वापस आए। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है क्योंकि अब यह विवाद पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।
पाकिस्तान का ऑपरेशन और भारी नुकसान
पाकिस्तानी सेना ने तालिबानी लड़ाकों के खिलाफ ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के तहत एक बहुत बड़ी सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया है जिससे सरहद पर तबाही मची है। पाकिस्तान का दावा है कि उन्होंने अब तक 274 तालिबानी लड़ाकों को मार गिराया है और उनके 22 महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया है। यह संघर्ष मुख्य रूप से 132 साल पुरानी डूरंड लाइन को लेकर है जिसे अफगानिस्तान की सरकार कभी भी ऐतिहासिक रूप से स्वीकार नहीं कर पाई है।
दुनिया के बड़े देशों की शांति अपील
अमेरिका के अलावा दुनिया के अन्य शक्तिशाली देशों जैसे रूस, चीन, तुर्की और ईरान ने भी इस बढ़ते सैन्य तनाव पर अपनी बहुत गहरी चिंता जाहिर की है। इन सभी देशों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आपसी बातचीत के जरिए इस खूनी खेल को तुरंत खत्म करने और शांति बहाल करने की पुरजोर अपील की है। वैश्विक बिरादरी को डर है कि अगर यह युद्ध जल्द नहीं थमा, तो यह पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता और भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा बनेगा।
