बीजापुर | छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच आज सुबह जबरदस्त मुठभेड़ हुई। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर जवानों ने इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में घेराबंदी की थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। बस्तर आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि इस साहसी कार्रवाई में दो वर्दीधारी नक्सली मारे गए हैं, जबकि कई अन्य माओवादी घने जंगल की आड़ लेकर भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश के लिए सर्चिंग तेज कर दी गई है।
बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव के अनुसार, एनकाउंटर स्थल से दो नक्सलियों के शवों के साथ एसएलआर (SLR), इंसास राइफल और 12 बोर की बंदूकें बरामद की गई हैं। मौके से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, दैनिक उपयोग का सामान और गोला-बारूद भी मिला है। अंदेशा जताया जा रहा है कि नक्सली किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जमा हुए थे। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा बनाए गए अवैध स्मारकों को भी ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में माओवादियों के पैर उखाड़ने और उनके बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की दिशा में एक बड़ा प्रहार है।
बस्तर संभाग में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षाबल लगातार आक्रामक अभियान चला रहे हैं। 18 से 20 फरवरी के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कई शक्तिशाली आईईडी (IED) बरामद किए गए और 4 से अधिक अवैध नक्सली स्मारक जमींदोज किए गए। केंद्र और राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण सफाए का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत यह ताजा एनकाउंटर सुरक्षाबलों के मनोबल को बढ़ाने वाला साबित हुआ है। फिलहाल इलाके में ड्रोन और आधुनिक उपकरणों की मदद से सघन सर्चिंग ऑपरेशन जारी है ताकि बचे हुए नक्सलियों को पकड़ा जा सके।

