
नयी दिल्ली, 25 फरवरी (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को विपक्षी दल कांग्रेस पर हमला बोलते हुये उस पर ‘समझौते की राजनीति’ करने का आरोप लगाया है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुये उन्होंने कांग्रेस शासित सरकारों को “कम्प्रोमाइज्ड यानी समझौते वाली सरकारें” बताते हुए कहा कि पार्टी और गांधी परिवार ने बार-बार राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता किया है।
श्री गोयल ने कहा कि बुधवार सुबह भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना में संवाददाता सम्मेलन के दौरान गांधी परिवार की राजनीति पर सवाल उठाए थे और बताया था कि यह परिवार “समझौते की राजनीति” करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास और वर्तमान, दोनों ही ऐसे उदाहरणों से भरे पड़े हैं, जिनसे पता चलता है कि विदेशी प्रभावों के कारण जनहित और राष्ट्रहित प्रभावित हुआ।
श्री गोयल ने कहा कि राहुल गांधी नकारात्मक राजनीति के प्रतीक (पोस्टर बॉय) बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार विदेश यात्राएं करते हैं, प्रोटोकॉल की अनदेखी करते हैं और देश के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लद्दाख जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरों और विदेशी व्यक्तियों से संपर्कों को लेकर कांग्रेस को देश के सामने स्पष्टता देनी चाहिए।
श्री गोयल ने कहा कि केवल श्री गांधी ही नहीं, बल्कि नेहरू-गांधी परिवार के कई नेताओं ने भी देश के हितों से समझौता किया। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में लिए गए कई निर्णयों पर आज भी सवाल उठते हैं।
श्री गोयल ने इंदिरा गांधी के समय 1971 के शिमला समझौते का हवाला देते हुए कहा कि उस समय 93 हजार पाकिस्तानी युद्धबंदियों को रिहा किया गया, जिसे उन्होंने ‘देश के साथ समझौता’ करार दिया।
श्री गोयल कहा कि कांग्रेस और गांधी परिवार को देश की जनता को जवाब देना चाहिए कि आखिर किन परिस्थितियों में ऐसे निर्णय लिए गए और उनका राष्ट्रीय हितों पर क्या प्रभाव पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ और भ्रम फैलाकर लोकसभा में नेता विपक्ष श्री गांधी देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
इस दौरान श्री गोयल ने कहा कि भारत की नीति हमेशा संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने की रही है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंचों पर लगातार मजबूत हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि हाल के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में देशों के प्रमुख और प्रतिनिधियों की भागीदारी भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।
श्री गांधी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से देश के सामने अपना रुख स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि देश की जनता अब तथ्यों को समझ रही है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर दिखाई देगा।
