दिव्या भारती ने 16 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़कर एक्टिंग शुरू की। कम समय में उन्होंने कई हिट फिल्में दीं, लेकिन 1993 में उनकी रहस्यमयी मौत ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया।
90 के दशक की सबसे चमकदार अभिनेत्रियों में शुमार दिव्या भारती आज भी अपने टैलेंट और मासूमियत भरे चेहरे के लिए याद की जाती हैं। 25 फरवरी 1974 को मुंबई में जन्मीं दिव्या ने बेहद कम उम्र में वह सफलता हासिल की, जिसका सपना कई कलाकार सालों तक देखते रहते हैं। दिव्या भारती को बचपन से ही अभिनय में दिलचस्पी थी।
दिव्या ने महज 16 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में करियर बनाने का फैसला कर लिया था। उनका यह निर्णय जोखिम भरा जरूर था, लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया। उन्होंने 1990 में तेलुगु फिल्म बोब्बिली राजा से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की। साउथ इंडस्ट्री में मिली सफलता ने उनके लिए बॉलीवुड के दरवाजे खोल दिए।
दिव्या भारती का करियर
साल 1992 में आई फिल्म विश्वात्मा से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इस फिल्म का गाना ‘सात समुंदर पार’ आज भी लोगों की जुबान पर है। पहली ही फिल्म से दिव्या दर्शकों के दिलों पर छा गईं। उनकी खूबसूरती, चुलबुलापन और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद दिव्या ने ऋषि कपूर, शाहरुख खान और सुनील शेट्टी जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया।
दिव्या भारती फिल्में
दिव्या की फिल्में ‘दिल का क्या कसूर’, ‘शोला और शबनम’, ‘दीवाना’, ‘बलवान’ और ‘दिल ही तो है’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं। खासकर फिल्म ‘दीवाना’ में उनकी जोड़ी और अभिनय को खूब सराहा गया। बेहद कम समय में उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली थी। फिल्मी करियर के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। उन्होंने निर्माता-निर्देशक साजिद नाडियाडवाला से गुपचुप शादी की थी। हालांकि परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, लेकिन दिव्या ने अपने फैसले पर अडिग रहीं।
दिव्या भारती का निधन
5 अप्रैल 1993 की रात दिव्या भारती की जिंदगी का अंतिम दिन साबित हुई। मुंबई के वर्सोवा इलाके में एक इमारत से गिरने के कारण उनकी मौत हो गई। उनकी असमय मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। यह मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा, लेकिन 1998 में केस बंद कर दिया गया। कम समय में अपार सफलता पाने वाली दिव्या भारती आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।
