
जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी पहल के अंतर्गत जिला न्यायपालिका तथा उच्च न्यायालय के कर्मचारियों के सेवा-संबंधी विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान हेतु प्रारंभ की गई मध्यस्थता प्रक्रिया निरंतर प्रभावी परिणाम दे रही है। जिसके तहत मंगलवार को 22 में से 14 प्रकरणों का सहमति व समन्वय के आधार पर सफलता पूर्वक निराकरण किया गया।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की अध्यक्षता में न्यायालय के नियमित कार्य समय के पश्चात उच्च न्यायालय जबलपुर के साउथ हॉल में विशेष मध्यस्थता सत्र न्यायालय समय पश्चात आयोजित किया गया था, ताकि नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित न हों और कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके। इस सत्र की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि विभिन्न जिलों में पदस्थ कर्मचारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता कर अपने प्रकरणों का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया। तकनीकसक्षम इस प्रक्रिया ने भौगोलिक दूरी की बाधाओं को समाप्त करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों को भी समान अवसर प्रदान किया। जस्टिस विवेक रूसिया ने कहा कि मुख्य न्यायमूर्ति के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल से कर्मचारियों को त्वरित, किफायती एवं संतोषजनक समाधान प्राप्त हो रहा है, जिससे न्यायालयीन वातावरण में विश्वास एवं सौहार्द की भावना सुदृढ़ हो रही है।
