नई दिल्ली/मेक्सिको सिटी | मेक्सिको के सबसे खूंखार ड्रग माफिया और ‘जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल’ के सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ ‘एल मेनचो’ की मौत के बाद पूरा देश हिंसा की आग में झुलस रहा है। रविवार को मेक्सिको की सेना के एक विशेष अभियान के दौरान एल मेनचो मारा गया, जिसके बाद उसके गिरोह के सदस्यों ने विरोध में कई राज्यों में सड़कों पर गाड़ियाँ फूँक दीं और सैन्य बलों पर हमले शुरू कर दिए। स्थिति को देखते हुए मेक्सिको स्थित भारतीय दूतावास ने जलिस्को, मिचोआकान और नुएवो लियोन जैसे राज्यों में रह रहे भारतीयों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और उन्हें अगली सूचना तक घरों के अंदर ही रहने का निर्देश दिया है।
एल मेनचो केवल मेक्सिको ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए भी सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। उस पर फेंटानिल और कोकीन जैसी सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी का आरोप था और अमेरिकी सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर 15 मिलियन डॉलर (लगभग 136 करोड़ रुपये) का इनाम रखा था। फरवरी 2025 में ही ट्रंप प्रशासन ने उसके संगठन को एक ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ घोषित किया था। यह गिरोह इतना आधुनिक था कि इसने पुलिस प्रमुखों पर ग्रेनेड से हमले किए और सैन्य हेलीकॉप्टरों को गिराने के लिए ड्रोन बमों और बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल किया था। व्हाइट हाउस ने इस ऑपरेशन में मेक्सिको की सेना को खुफिया जानकारी मुहैया कराकर उनकी सराहना की है।
भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक संदेश में नागरिकों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और कानून प्रवर्तन गतिविधियों वाली जगहों से दूर रहने को कहा है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि आपराधिक गुटों द्वारा सड़कों पर अवरोध पैदा किए जा रहे हैं, इसलिए अनावश्यक आवाजाही जानलेवा हो सकती है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम ने जनता से शांति की अपील की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि एल मेनचो की मौत के बाद कार्टेल के भीतर वर्चस्व की जंग और तेज हो सकती है। भारतीय नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन 911 पर संपर्क करने और दूतावास के सोशल मीडिया अपडेट्स पर नज़र रखने की सलाह दी गई है।

