
छतरपुर। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद अंतिम प्रकाशन जारी कर दिया गया है। इस प्रक्रिया में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कुल 72,875 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए हैं। अब जिले में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 13,81,875 रह गई है। अधिकारियों के अनुसार नाम विलोपन के प्रमुख कारणों में पलायन, मृत्यु, दोहरी प्रविष्टि और अपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।
समीक्षा के दौरान 3,01,945 मतदाताओं को ऐसे चिन्हित किया गया, जिनके पास वर्ष 2003 से पूर्व के निवास या पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इन सभी को नोटिस जारी कर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया। सुनवाई के बाद 1,953 लोगों के नाम पर्याप्त दस्तावेज न देने के कारण हटा दिए गए।
राजनीतिक दलों की ओर से भी 11,050 आपत्तियां (फॉर्म-7) दर्ज कराई गई थीं। बीएलओ की जांच में ये सभी आपत्तियां निराधार पाई गईं और खारिज कर दी गईं। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में फर्जी आपत्तियां देने वालों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
विधानसभावार आंकड़ों में छतरपुर विधानसभा में सबसे अधिक 7.14 प्रतिशत नाम विलोपित हुए हैं।
इधर कई आम नागरिकों ने शिकायत की है कि स्थायी रूप से निवास करने के बावजूद उनके नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें पुनः नाम जुड़वाने के लिए प्रशासन की स्पष्ट प्रक्रिया और सहायता की जरूरत है।
