काबुल/नई दिल्ली | पाकिस्तानी वायु सेना द्वारा अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में किए गए हवाई हमलों के बाद तालिबान सरकार और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में अफगानिस्तान के गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। हक्कानी ने कहा कि “अंतिम चेतावनी का दौर अब खत्म हो चुका है” और यदि गंभीर कार्रवाई शुरू हुई, तो पाकिस्तान का नामोनिशान मिट जाएगा। तालिबान का आरोप है कि पाकिस्तान ने पक्तिका और नांगरहार में जानबूझकर रिहायशी इलाकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी हताहत हुए हैं।
भारत ने इस सैन्य कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर घेरा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के हवाई हमलों को ‘अनैतिक और कायराना’ करार दिया है। भारत ने आधिकारिक बयान में कहा कि अपनी आंतरिक विफलताओं और घरेलू समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है। नई दिल्ली ने साफ किया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता का पूर्ण समर्थन करता है। भारत के अनुसार, रमजान जैसे पवित्र महीने में इस तरह की हिंसा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। दूसरी ओर, पाकिस्तान का दावा है कि उसने केवल ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) के आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है। हालांकि, जमीनी हकीकत और नागरिकों की मौत के दावों ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तालिबान का आक्रामक रुख और भारत का कड़ा समर्थन पाकिस्तान को क्षेत्रीय स्तर पर अलग-थलग कर सकता है। सीमा पर दोनों ओर से भारी सैन्य तैनाती के कारण संघर्ष और बढ़ने की आशंका है।

