सियोल | उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ने एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान किम जोंग उन को फिर से पार्टी का जनरल सेक्रेटरी (महासचिव) चुन लिया है। सोमवार को सरकारी मीडिया ‘केसीएनए’ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, हजारों डेलीगेट्स ने सर्वसम्मति से किम के नेतृत्व पर भरोसा जताया। पार्टी ने किम जोंग उन को देश के परमाणु हथियारों के जखीरे को आधुनिक बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर कोरिया की स्थिति मजबूत करने का पूरा श्रेय दिया। 42 वर्षीय किम 2011 से सत्ता में हैं और उनके इस पुनर्चयन को उनकी सत्ता पर बढ़ती पकड़ के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी कांग्रेस की रिपोर्ट में किम के सैन्य और राजनीतिक लक्ष्यों पर जोर दिया गया है, जिसमें परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को और अधिक तेज करने की बात कही गई है। बैठक में यह स्वीकार किया गया कि किम के नेतृत्व में उत्तर कोरिया ने ऐसी सैन्य शक्ति हासिल कर ली है, जो किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। जानकारों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के साथ बढ़ती नजदीकी और हथियारों के निर्यात से उत्तर कोरिया की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, जिससे किम अब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के प्रति और अधिक कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में हैं।
किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के साथ शांतिपूर्ण एकीकरण के पुराने लक्ष्य को आधिकारिक तौर पर छोड़ते हुए उसे ‘स्थायी दुश्मन’ घोषित कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बावजूद, उत्तर कोरिया ने वाशिंगटन के बातचीत के प्रस्तावों को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। किम की सरकार का साफ कहना है कि जब तक अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण की अपनी शर्त नहीं छोड़ता, तब तक कोई कूटनीतिक चर्चा संभव नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि किम अब पारंपरिक सेनाओं को परमाणु क्षमताओं के साथ जोड़कर एक नई हाइब्रिड सैन्य रणनीति पर काम कर रहे हैं।

