बरहामपुर/कंधमाल | ओडिशा के गंजम-कंधमाल सीमा पर स्थित कराडा जंगल में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो बड़े माओवादी मारे गए हैं। कंधमाल एसपी हरीशा बीसी ने पुष्टि की है कि राइकिया पुलिस स्टेशन क्षेत्र में चल रहे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान माओवादियों ने सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने दो माओवादियों को ढेर कर दिया। मारे गए नक्सलियों की पहचान एरिया कमेटी मेंबर ‘जगेश’ और पार्टी मेंबर ‘रश्मि’ के रूप में हुई है, जिन पर सरकार ने कुल 27.50 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
मारे गए दोनों माओवादी सीपीआई (माओवादी) के कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़ (KKBN) डिवीजन के सक्रिय सदस्य थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जगेश और रश्मि जिले में हुई कई हिंसक वारदातों, आगजनी और सुरक्षाबलों पर हमलों के मुख्य आरोपी थे। मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान मौके से भारी मात्रा में गोला-बारूद, हथियार और दैनिक उपयोग की सामग्रियां जब्त की गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन इनामी नक्सलियों के खात्मे से क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क की कमर टूट गई है और यह सुरक्षाबलों के लिए बड़ी रणनीतिक जीत है।
ओडिशा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य से माओवाद को पूरी तरह जड़ से खत्म करने के लिए 31 मार्च तक का विशेष लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी अभियान के तहत इंद्रगढ़ और राइकिया के जंगली इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। पिछले सप्ताह भी इसी क्षेत्र में नक्सलियों के साथ झड़प हुई थी, जिसके बाद से पुलिस लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे जिले में शांति बहाल नहीं हो जाती और माओवादी नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त नहीं हो जाता, तब तक यह सैन्य अभियान जारी रहेगा।

