

इंदौर। शहर की सियासत शनिवार को उस समय गरमा गई, जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने कांग्रेस के विरोध में गांधी भवन की ओर कूच किया. पुलिस ने पहले से ही कांग्रेस कार्यालय के बाहर कड़े इंतजाम कर रखे थे और दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया. इसी दौरान हालात अचानक बेकाबू हो गए और दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बन गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नारेबाजी के बीच देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया. एक-दूसरे पर पत्थरों के साथ पानी की बोतलें, तेल की थैलियां, संतरे और टमाटर तक फेंके गए. माहौल तनावपूर्ण होते ही पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का सहारा लेना पड़ा. हंगामे के दौरान सब इंस्पेक्टर आर.एस. बघेल को सीने के पास पत्थर लगने से चोट आई. उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा, पुलिस अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. दूसरी ओर, भाजपा की महिला कार्यकर्ता बिंदु चौहान को भी पथराव में चोट लगी. पार्टी नेताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है. ज्ञात हो कि दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने इंदौर स्थित कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था. इसी के तहत कार्यकर्ता गांधी भवन पहुंचे थे. टकराव के बाद विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा थाने पहुंचकर कांग्रेस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने कहा कि वे अपने राजनीतिक नारों और विरोध के अधिकार से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यालय की सुरक्षा के लिए डटे हुए हैं. स्थिति बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. देर शाम तक गांधी भवन और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बनी रही. अधिकारियों ने मामले की जांच और वीडियो फुटेज खंगालने की बात कही है, ताकि पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके.
