नयी दिल्ली 20 फरवरी (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट की। दोनों ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। श्री गुटेरेस भारत द्वारा यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेने आये हुए हैं।
राष्ट्रपति ने समस्त मानवता की सेवा के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक वैश्विक वैज्ञानिक पैनल स्थापित करने की श्री गुटेरेस की पहल का स्वागत किया।
श्री गुटेरेस ने सफल ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के आयोजन में भारत की नेतृत्व वाली भूमिका तथा विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र के साथ उसके दीर्घकालिक सहयोग की सराहना की।
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में बहुपक्षवाद गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें बढ़ता हुआ विश्वास संकट भी शामिल है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा पुरानी संरचना में समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं के अनुरूप सुधार किया जाना आवश्यक है और वैश्विक दक्षिण को निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए सुरक्षा परिषद में त्वरित सुधार अत्यंत आवश्यक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि यद्यपि ‘यूएन-80’ पहल सुधारों के लिए एक अच्छा मंच प्रदान करती है, परंतु किसी भी पुनर्गठन प्रक्रिया में वैश्विक दक्षिण की विकासात्मक प्राथमिकताओं की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राष्ट्रपति ने श्री गुटेरेस को संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में उनके शेष कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दीं और बहुपक्षवाद के प्रति भारत के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की।
