चंडीगढ़ | कांग्रेस से निष्कासित नेता नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर दावा किया कि राजा वारिंग ने राजस्थान के एक पूर्व कांग्रेस प्रभारी के साथ मिलकर ₹2400 करोड़ का बड़ा घोटाला किया है। नवजोत कौर ने वारिंग से ज़िरकपुर में खरीदी गई 100 एकड़ जमीन का हिसाब मांगते हुए आरोप लगाया कि इसमें से 60 एकड़ जमीन मासूम लोगों के फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए अवैध रूप से कब्जाई गई है। उन्होंने वारिंग को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि वे अब अदालत में जवाब देने और जेल जाने के लिए तैयार रहें।
नवजोत कौर ने राजा वारिंग पर युवाओं के शोषण का आरोप भी मढ़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस सदस्यता शुल्क के नाम पर पंजाब के युवाओं से वसूले गए ₹7.5 करोड़ कहां खर्च किए गए? उन्होंने तीखा तंज कसते हुए पूछा कि क्या युवाओं का काम केवल रैलियों में भीड़ जुटाना और नारे लगाना ही रह गया है या उन्हें नौकरियां भी दी गई हैं? सिद्धू की पत्नी ने वारिंग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर केवल अपनी निजी संपत्ति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
अपने संबोधन में नवजोत कौर ने कांग्रेस आलाकमान को भी नहीं बख्शा। उन्होंने राहुल गांधी को जमीनी हकीकत से कटा हुआ नेता बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में टिकटों की खुलेआम बिक्री हो रही है। दूसरी ओर, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आध्यात्मिक व्यक्ति’ कहकर जमकर तारीफ की, जिसे राजनीतिक गलियारों में उनके भाजपा की ओर बढ़ते झुकाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अमृतसर पूर्व सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकीं नवजोत कौर के इन बयानों ने पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

