रीवा: भारत सरकार द्वारा रीवा जिले को भूकंप संभावित ‘जोन-3’ में रखा गया है. इसे देखते हुए अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय परिसर में आपदा प्रबंधन पर एक वृहद मॉक ड्रिल संपन्न हुई.
एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन (वाराणसी) के डिप्टी कमांडेंट कुलदीप सिंह और निरीक्षक प्रवीण कुमार के मार्गदर्शन में 30 जवानों की टीम ने एसडीआरएफ रीवा के पीसी पुष्पेंद्र सिंह चंदेल की संयुक्त टीम के साथ मिलकर भूकंप के पूर्व, दौरान और बाद में अपनाई जाने वाली जीवनरक्षक सावधानियों का सजीव प्रदर्शन किया.
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु, एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस बल की उपस्थिति में विशेषज्ञों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने, आग पर नियंत्रण पाने और आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा के गुर सिखाए. मॉक ड्रिल के दौरान केवल बचाव कार्य ही नहीं, बल्कि सर्पदंश, चोकिंग (गले में वस्तु फंसना), सीपीआर और फर्स्ट एड जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक लेक्चर और डेमोंसट्रेशन भी दिए गए. विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और छात्रों को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय सही तकनीक और तत्परता से जनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है.
