इंदौर: जिले में बीती रात हुई बेमौसम बारिश एवं तेज हवाओं के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है. विशेष रूप से सांवेर, बालौदा, टाकून, पोटलोद, रतनखेड़ी, बसान्द्रा,नाहरखेडा, एवं देपालपुर के नेवरी, चटवाड़ा, पिपलोदा खड़ी, बरोदा पंथ, बैंगन्दा, सगड़ोद हातोद, इंदौर तहसील के गांव नैनोद रिजंलाई, जम्मुडी हाप्सी, कलमेंर रोजडी के आसपास के गांवों में खेतों में तैयार फसल आड़ी (गिर) गई है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. कृषि अधिकारी एवं ग्राम सेवक रणजीत ठाकुर द्वारा खेतों में पहुंचकर फसल की नुकसानी का निरीक्षण एवं सर्वे कार्य प्रारंभ किया गया. अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया कि नुकसान का निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन कर शीघ्र प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा. किसान नेता बबलू जाधव ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर राजस्व पुस्तिका परिपत्र के तहत पात्र किसानों को त्वरित मुआवजा प्रदान किया जाए. उन्होंने यह भी आग्रह किया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों को नियमानुसार बीमा लाभ दिलाया जाए, ताकि किसानों को समय पर आर्थिक संबल मिल सके.
सर्वे कार्य में सहयोग करें
प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शासन किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील है तथा राहत एवं सहायता की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी. किसानों से अपील की गई है कि वे सर्वे कार्य में सहयोग करें और आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं. जिला प्रशासन प्रभावित किसानों के साथ खड़ा है और शीघ्र राहत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
