जबलपुर: जिले की सहजपुर मटर मंडी में मटर की आवक मिलीजुली देखने को मिल रही है, इसके अलावा किसानों को अपनी फसल का भाव भी कम मिल रहा है। कभी अधिक तो कभी कम मात्रा में मटर आने के कारण व्यापारी द्वारा भी मटर के रेट स्थिर लगाए हुए हैं। जिसके चलते किसानों द्वारा बोया गया मटर पर सिर्फ उनकी लागत ही निकल रही, अच्छे भाव नहीं मिल पा रहे हैं। सहजपुर मटर मंडी में इस समय सामान्य मात्रा में किसानों द्वारा मटर पहुंचाया जा रहा है। जिससे मटर मंडी में सन्नाटा की स्थिति बनी रहती है। व्यापारियों का कहना है कि फरवरी के आखिरी सप्ताह में सीजन का आखिरी मटर बड़ी मात्रा में आने संभावना है।
13 से 18 रूपए तक रहा मटर का भाव
गुरुवार को मंडी में पहुंचा मटर का भाव किसानों को 13 से 18 रूपए तक मिला है। यह भाव पिछले दिनों मिले रेट के बराबर ही हैं। इन दिनों किसानों को मटर का भाव 15 रुपए के आस पास ही मिल रहा है। अच्छी क्वालिटी का मटर ही उच्चतम रेट 1800 रूपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है जो सीधा अन्य राज्यों में भेजा रहा है।
गर्मी बढ़ने से मटर की तुड़ाई तेज़
इस वर्ष फरवरी माह में ही धूप तेज होने से गर्मी का अहसास होने लगा है। वहीं आखिरी सीजन का मटर भी अपने आखिरी चरण पर आ चुका है। जिसकी तुड़ाई भी किसानों ने शुरू कर दी है और उसको जल्द ही मंडियों में ले जाकर बेचा जा रहा है। क्योंकि अत्यधिक गर्मी बढ़ने के बाद मटर सूखने लगता है और यह बेचने लायक नहीं रह जाता है। वहीं दूसरी तरफ अगर मटर खराब हो जाता है तो उसके अच्छे भाव भी किसानों को नहीं मिल पाते हैं। इसी के साथ अब सीजन के आखिरी मटर की तुड़ाई करके समय-समय पर किसानों द्वारा मंडियों में ले जाकर बेचा जा रहा है।
