
ब्यावरा। गेहूं फसल लगभग खेतो में पककर तैयार हो चुकी है, कुछ ही दिनों में जोरशोर के साथ फसल कटाई शुरु होने को है किंतु इसके पूर्व बीती रात्रि को जिले के कई स्थानों पर हुई बारिश और सर्द हवाओं ने खेतों में गेहूं की फसल को आड़ी बिछा दिया. इससे काफी नुकसान होने की जानकारी है. गेहूं सहित सरसों, मसूर, धनिया फसल का नुकसान पहुंचना बताया जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि गेहू की फसल लगभग पक चुकी है, कुछ जगह कटाई का कार्य शुरु भी हो चुका है, वहीं अधिकांशत: कटाई का कार्य कुछ दिनों में शुरु होना है, परन्तु इसके पहले बुधवार एवं गुरुवार की रात्रि में बारिश होने के साथ ही ठंडी हवाएं चलने से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा.
कई बीघा में आड़ी बिछी फसलें
नरसिंहगढ़ रोड, सुठालिया रोड सहित अन्य जगहों पर दर्जनों खेतो में गेहूं की फसल बिछ गई है, बारिश के साथ ही जोर की ठंडी हवाओं का प्रकोप फसलें सहन नहीं सकी और वह खेतों में बिछ गई. कृषि विभाग के जानकारों के अनुसार गेहूं फसल की कटाई का समय आने से पौधा काफी वजनी होने के कारण वह ठंडी हवाओं, के कारण बिछ गया. आड़ी बिछी फसल के पुन: उठने की संभावना न के बराबर बताई जाती है जिसके कारण फसल को नुकसान पहुंचा है. नरसिंहगढ़ रोड पर स्थित ग्राम बारवां,धुरला, तालौडी, बरखेड़ी, अतरालिया, बाजपुर, बाईहेडा, पगारी बंगला, खानपुरा, भैंसाना, अतरालिया, भगवतीपुर, बहादुरपुरा, मोर्चाखेड़ी, खजुरिया सहित सुठालिया क्षेत्र, ग्राम लोधीपुरा व अन्य गांवों में गेहूं, मसूर, धनिया फसलों को नुकसान पहुंचना बताया जा रहा है.
शिकायत के लिए ऑन लाइन टोल फ्री नं
कृषि विभाग के अनुसार अपने खेतों में फसलों के हुए नुकसान की जानकारी कृषक बीमा कंपनी के ऑन लाइन टोल फ्री नंबर 14447 पर देते हुए नुकसान के बार में अवगत करा सकते है.
गुरुवार को हुई बारिश की जानकारी
वर्षामापी केन्द्र राजगढ़ के अनुसार गुरुवार को जिले की विभिन्न तहसीलों में हुई बारिश की जानकारी इस प्रकार है. सारंगपुर में सर्वाधिक 6.4 एमएम बारिश हुई. जीरापुर एवं खिलचीपुर में 2- 2 एमएम, राजगढ़ में 1.3 एमएम बारिश दर्ज हुई है.
लौटकर आयी ठंड
कुछ दिनों से वातावरण में गर्मी का अहसास होने लगा था. सुबह एवं रात्रि में ही ठंड का अहसास हो रहा था. किंतु बारिश एवं सर्द हवाओं के कारण एकाएक मौसम बदलने से फिर से ठंड का अहसास होने लगा है. ठंड से राहत हेतु गर्म कपड़े एवं अलाव का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है.
