ग्वालियर: आज से शुरू हुए रमजान के माह में पहले दिन मुस्लिम समाज के लोगों ने रोजा रखा है। सुबह लगभग 5:30 बजे सहरी के बाद रोजे की शुरुआत हो गई। मुस्लिम बंधु दिनभर करीब 13 घंटे तक खाने-पीने से परहेज रखेंगे। शाम लगभग 6:30 बजे मगरिब की अजान के साथ रोजा खोला जाएगा, जिसे इफ्तार कहा जाता है। इस दौरान नमाज और इबादत का विशेष महत्व है। मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार रमजान को बेहद पाक महीना माना जाता है। इस दौरान की गई नमाज और इबादत का सवाब 70 गुना बढ़ा दिया जाता है।
इफ्तार के लिए फल, खजूर और ड्राई फ्रूट्स की खूब बिक्री हो रही है जिन्हें मस्जिदों में भी भेजा गया है। रोजेदार सामूहिक रूप से रोजा खोलेंगे। पूरे एक माह तक चलने वाले रोजों और इबादत के बाद ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। इसे अल्लाह की ओर से रोजेदारों के लिए इनाम का दिन माना जाता है। मान्यता है कि रमजान में सच्चे मन से इबादत करने वालों की दुआएं कबूल होती हैं और उन्हें विशेष रहमत मिलती है।
बीती देर शाम रमजान का चांद नजर आ गया, जिसके बाद से ही मुस्लिम समाज में खुशी का माहौल है । समाजजनों ने बुधवार को मगरिब की नमाज के बाद चांद का इंतजार किया और जैसे ही रमजान का चांद कुछ पलों के लिए नजर आया, वैसे ही मस्जिदों से चांद नजर आने को लेकर ऐलान हो गया और चांद देखने की दुआ पढ़ी गई। इसके बाद से ही मुस्लिम समाज में अगले एक माह तक चलने वाली देर रात की तराबी की विशेष 20 रकात की नमाज की भी शुरुआत हो गई। वहीं चांद के ऐलान के साथ ही आज के रोजे के लिए मुस्लिम समाजजनों ने जमकर खरीदारी की, जिसके चलते बाजारों में विशेष रौनक रही। विशेषकर दूध, खमीरी रोटी (शीरमाल), नान और सूखे मेवों की दुकानों पर देर रात तक भीड़ रही।
