नई दिल्ली | भारतीय आईटी दिग्गज टीसीएस (TCS) और विश्व प्रसिद्ध एआई स्टार्टअप OpenAI ने भारत में अत्याधुनिक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए हाथ मिलाया है। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में हुई इस घोषणा के तहत, टीसीएस का नया बिजनेस ‘Hypervault’ शुरुआती तौर पर 100 मेगावाट की क्षमता विकसित करेगा, जिसे भविष्य में 1 गीगावाट (1GW) तक बढ़ाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए टीसीएस ने हाल ही में TPG से 1 बिलियन डॉलर का निवेश भी जुटाया है। यह बुनियादी ढांचा न केवल भारत की तकनीकी शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि इसे वैश्विक एआई मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
इस साझेदारी का एक बड़ा सामाजिक उद्देश्य भारतीय कार्यबल को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना है। टाटा और OpenAI मिलकर 10 लाख लोगों के कौशल विकास और आजीविका में सुधार के लिए काम करेंगे। इसके साथ ही, टाटा ग्रुप के हजारों कर्मचारियों को कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ‘ChatGPT Enterprise’ की सुविधा दी जाएगी। OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन के अनुसार, यह सहयोग “भारत के लिए और भारत में” एआई बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से बैंकिंग, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधानों के जरिए बड़ी क्रांति आने की उम्मीद है।
दोनों कंपनियां मिलकर ‘एजेंटिक एआई’ (Agentic AI) समाधानों पर काम करेंगी, जो जटिल कार्यों को स्वायत्त तरीके से करने में सक्षम होंगे। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इसे भारत के डिजिटल विजन के लिए एक ‘मील का पत्थर’ करार दिया है। गौरतलब है कि यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब आईटी क्षेत्र की अन्य दिग्गज कंपनियां भी एआई बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं। टीसीएस का लक्ष्य इस साझेदारी के जरिए दुनिया की सबसे बड़ी ‘एआई-लेड’ आईटी सेवा कंपनी बनना है, जो वैश्विक बाजार में भारतीय विशेषज्ञता का लोहा मनवा सके।

