ढाका, 18 फरवरी (वार्ता) बंगलादेश के नवनियुक्त खेल मंत्री अमीनुल हक ने साफ किया है कि सरकार शाकिब अल हसन और मशरफ़े मुर्तज़ा के ख़िलाफ चल रहे क़ानूनी मामलों को तेज़ी से सुलझाना चाहती है। बंगलादेश की सरकार चाहती है कि आवामी लीग के पूर्व सांसद रहे ये दोनों दिग्गज खिलाड़ी जल्द से जल्द क्रिकेट के मैदान पर लौट सकें। बंगलादेश की राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम के कप्तान रह चुके अमीनुल हक़ उन 49 नए मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने मंगलवार को शपथ ली है। 12 फ़रवरी को हुए आम चुनाव में बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत के बाद सत्ता में बदलाव हुआ है। हक ने भरोसा दिलाया कि नई सरकार पूर्व कप्तानों के प्रति “सहनशील और लचीला” रुख अपनाएगी। 2024 में अवामी लीग की सरकार गिरने के बाद इन दोनों खिलाड़ियों पर कई मुक़दमे दर्ज किए गए थे।
मामले की गंभीरता और क्रिकेट में इनकी अहमियत को समझते हुए हक ने कहा, “सरकार शाकिब और मशरफ़े से जुड़े मुक़दमों पर गौर करेगी। हमारा रवैया उनके प्रति नरम और लचीला रहेगा। उनके ख़िलाफ दर्ज मामलों को सरकार अपने स्तर पर देखेगी। हम चाहते हैं कि शाकिब वापस बंगलादेश लौटें। हमें पूरी उम्मीद है कि ये मामले जल्द ही निपट जाएंगे ताकि उनकी वापसी का रास्ता साफ हो सके। हम शाकिब और मशरफ़े, दोनों को ही दोबारा बंगलादेश क्रिकेट में सक्रिय देखना चाहते हैं।”
शाकिब मई 2024 के बाद से बंगलादेश नहीं लौटे हैं और पिछले कुछ सालों से उनका ठिकाना अमेरिका ही रहा है। अक्टूबर 2024 से उन्होंने बंगलादेश के लिए कोई मैच नहीं खेला है, हालांकि वे पीएसएल और सीपीएल जैसी विदेशी टी20 लीगों में लगातार सक्रिय रहे हैं। हाल ही में बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट को दिए इंटरव्यू में शाकिब ने एक बड़ा ऐलान करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के अपने फ़ैसले को वापस ले लिया है। शाकिब चाहते हैं कि वे एक पूरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलने के बाद ही खेल को अलविदा कहें। हालांकि इसके लिए उन्होंने अभी कोई वक़्त तय नहीं किया है।
अपनी योजना साझा करते हुए शाकिब ने पिछले दिसंबर में कहा था, “मैं आधिकारिक रूप से किसी भी फॉर्मेट से संन्यास नहीं ले रहा हूं। यह पहली बार है जब मैं यह बात साफ़ कर रहा हूं। मेरी योजना बंगलादेश लौटने की है और मैं एक ऐसी पूरी सीरीज़ खेलना चाहता हूं जिसमें वनडे, टेस्ट और टी20 तीनों शामिल हों। इसके बाद ही मैं संन्यास लूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “मैं किसी एक सीरीज के दौरान ही सभी फॉर्मेट से संन्यास ले सकता हूं। यह टी20 से शुरू होकर वनडे और टेस्ट तक जा सकता है, या फिर टेस्ट से शुरू होकर टी20 तक। क्रम कोई भी हो, मुझे मंज़ूर है, लेकिन मेरी इच्छा यही है कि मैं एक पूरी सीरीज खेलकर ही मैदान से विदा लूं।” दूसरी तरफ़ मशरफ़े मुर्तज़ा अगस्त 2024 के बाद से सार्वजनिक रूप से कहीं नज़र नहीं आए हैं और उनकी गतिविधियों को लेकर फ़िलहाल सस्पेंस बना हुआ है। साल 2020 में अपना आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बावजूद वे 2024 में ढाका प्रीमियर लीग में खेल रहे थे। अगस्त 2024 में जब छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार गिरी, तब मशरफ़े अवामी लीग के सांसद के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे थे।
पिछले साल हुए बीसीबी चुनावों पर अपनी राय रखते हुए खेल मंत्री हक़ ने उस प्रक्रिया को “संदिग्ध” बताया। ऐसी चर्चा थी उस समय तमीम इक़बाल के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ थे, जिसने भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों का हवाला देकर चुनाव से अपने पैर पीछे खींच लिए थे।
हक़ ने इस मुद्दे पर कहा, “मैंने पहले भी यह बात कही थी और अब भी कह रहा हूं कि बीसीबी का पिछला चुनाव सवालों के घेरे में था। लेकिन अब जब मैं एक ज़िम्मेदार पद पर बैठा हूं, तो मैं उनके साथ बैठकर इस पर चर्चा करूंगा कि चीज़ों को बेहतर दिशा में कैसे ले जाया जा सकता है।”
वहीं ऐसी ख़बरें भी हैं कि बीसीबी अध्यक्ष के रूप में उनके पूर्ववर्ती अमीनुल इस्लाम पिछले हफ़्ते ही मुल्क छोड़कर चले गए हैं।

