तेहरान/वॉशिंगटन | मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब युद्ध के मुहाने पर पहुँच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके पास ऐसे हथियार हैं जो किसी भी आधुनिक युद्धपोत को पल भर में राख कर सकते हैं। खामेनेई ने सोशल मीडिया पर डूबे हुए अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की तस्वीर साझा करते हुए स्पष्ट किया कि ईरान अब किसी भी दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी जंगी बेड़े उनकी मारक क्षमता के सामने केवल ‘तैरते हुए लक्ष्य’ मात्र हैं, जिन्हें ईरानी सेना कभी भी नष्ट कर सकती है।
ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने पिछले 24 घंटों के भीतर क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने एफ-22 और एफ-35 जैसे 50 से अधिक अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती के साथ-साथ ईंधन भरने वाले टैंकर भी रवाना कर दिए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि ईरान राष्ट्रपति द्वारा तय की गई ‘रेड लाइन्स’ को पार कर रहा है। यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड जैसे विशाल युद्धपोतों की आवाजाही ने यह संकेत दे दिया है कि अमेरिका किसी भी ईरानी हिमाकत का जवाब देने के लिए बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर चुका है।
एक ओर जहां ओमान की मध्यस्थता से जिनेवा में बातचीत के दौर चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीन पर बढ़ती सैन्य गतिविधियां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। हालांकि ईरानी विदेश मंत्री ने वार्ता को सकारात्मक बताया है, लेकिन दोनों देशों के बीच मुख्य विवादित मुद्दों पर गतिरोध बरकरार है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपनी शक्तिशाली एंटी-शिप मिसाइल प्रणालियों के दम पर अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर करना चाहता है। यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो मिडिल ईस्ट में छिड़ने वाला यह संघर्ष पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।

