भोपाल: मप्र का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट आज बुधवार को सदन में पेश होने जा रहा है और इससे पहले विधानसभा में कैबिनेट की वह महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है, जिसमें बजट को औपचारिक मंजूरी दी जानी है। बजट को लेकर सरकार के भीतर तैयारियां अंतिम चरण में हैं तथा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और मंत्रिमंडल के सामने इसका प्रेजेंटेशन पहले भी हो चुका है, जिसके बाद कुछ मामूली संशोधन किए गए हैं।
संकेत हैं कि इस बार प्रदेश का बजट पहली बार पांच लाख करोड़ रुपये की दहलीज के करीब पहुंच सकता है और इसका आकार 4.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत ज्यादा होगा। बजट का मुख्य फोकस गरीब, युवा, किसान और महिला वर्ग पर केंद्रित रहेगा। पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने की तैयारी है, जिससे निर्माण और बुनियादी ढांचे को गति मिलेगी। साथ ही राजकोषीय घाटा 4.50 प्रतिशत के आसपास सीमित रखने की रणनीति बनाई गई है। महिला और किसान हितैषी योजनाओं, सरकारी भर्तियों, सिंचाई, शिक्षा-स्वास्थ्य तथा बच्चों को मिड-डे मील में टेट्रा पैक दूध जैसी घोषणाओं की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है।
