अहमदाबाद, 17 फरवरी (वार्ता) अडानी समूह ने साल 2035 तक नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित, हाइपरस्केल, एआई के लिए तैयार डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 100 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। कंपनी ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस स्वदेशी एआई अवसंरचना का उद्देश्य उभरते ‘इंटेलिजेंस रिवॉल्यूशन’ में देश को दुनिया में अग्रणी बनाना है। इसमें कहा गया है कि यह निवेश 2035 तक सर्वर निर्माण, उन्नत विद्युत अवसंरचना, स्वदेशी क्लाउड प्लेटफॉर्म और सहायक उद्योगों में अतिरिक्त 150 अरब डॉलर के निवेश को प्रोत्साहित करेगा। अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने कहा कि दुनिया एक ऐसी इंटेलिजेंस रिवॉल्यूशन में प्रवेश कर रही है जिसका प्रभाव किसी भी पूर्व औद्योगिक क्रांति से अधिक है। जो राष्ट्र ऊर्जा और कंप्यूट के संतुलन में महारत हासिल करेंगे, वे अगले दशक को आकार देंगे। भारत इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की स्थित में है।
उन्होंने बताया कि कंपनी स्वदेशी पर केंद्रित पूर्ण पांच-स्तरीय एआई स्टैक में विस्तार कर रही है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह रोडमैप अडानीकोनेक्स के मौजूदा दो गीगावाट राष्ट्रीय डेटा सेंटर पर आधारित है, जिसका पांच गीगावाट तक विस्तारित किया जायेगा। कंपनी गूगल के साथ साझेदारी में विशाखापट्टनम में देश का सबसे बड़ा गीगावाट स्तरीय डेटा सेंटर परिसर स्थापित कर रही है। साथ ही नोएडा में अतिरिक्त परिसर और माइक्रोसॉफ्ट के साथ हैदराबाद एवं पुणे में विस्तार शामिल है। अदानी समूह अन्य प्रमुख वैश्विक कंपनियों के साथ भी चर्चा कर रही है, जो देश में बड़े पैमाने पर परिसर स्थापित करना चाहती हैं। अडानी समूह फ्लिपकार्ट के साथ अपनी डेटा सेंटर साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए अगली पीढ़ी की डिजिटल वाणिज्य, उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और बड़े पैमाने की एआई कार्यभार आवश्यकताओं के मद्देनजर फ्लिपकार्ट के लिए विशेष रूप से निर्मित दूसरे एआई डेटा सेंटर के विकास की दिशा में अग्रसर होगा।

