
नयी दिल्ली, 17 फरवरी (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि एआई पर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन दुनिया में भारत की क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक बेहतर अवसर था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचार पाने की भूख के कारण इस शिखर सम्मेलन का पूरा माहौल अराजक हो गया है। श्री खरगे ने मंगलवार को यहां एक बयान में कहा कि भारत की डिजिटल और एआई क्षमताओं को प्रदर्शित करने का यह एक शानदार अवसर था लेकिन इस एआई शिखर सम्मेलन में अव्यवस्थाओं को लेकर खबरें आ रही हैं। उनका कहना था कि खबरों के अनुसार ‘प्रचार की भूखी’ मोदी सरकार के घोर कुप्रबंधन के कारण यह सम्मेलन अराजकता में तब्दील हो गया है। इसमें शामिल संस्थाएं, अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने वाले लोगों तथा आगंतुकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले ही दिन फोटो खिंचवाने के लिए सम्मेलन स्थल पर अचानक पहुंचने के कारण लोगों को सुरक्षा कारणों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने अपने बयान में कहा “बताया जा रहा है कि प्रदर्शकों को भोजन और पानी नहीं मिला, उनके उत्पाद चोरी हो गए, डिजी यात्रा बुरी तरह विफल रही, लैपटॉप, व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और यहाँ तक कि बैग भी प्रतिबंधित कर दिए गए, डिजिटल यूपीआई भुगतान के बजाय केवल नकद भुगतान स्वीकार किया गया और हितधारकों को बुनियादी सुविधाओं के बिना भारी रकम चुकानी पड़ी। उन्हें और भी कई कारणों से परेशानी हुई।” श्री खरगे ने कहा “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश को अपनी ही सरकार की अक्षमता के कारण इस वैश्विक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। शायद मोदी सरकार को बेंगलुरु टेक समिट (बीटीएस) से सीखना चाहिए, जो इस तरह के बड़े पैमाने पर डिजिटल और तकनीकी सम्मेलनों को सुचारू रूप से आयोजित करने का वार्षिक कार्यक्रम है।”
