नयी दिल्ली 17 फरवरी (वार्ता) भारतीय नौसेना 21 फरवरी को गोवा स्थित नौसेना वॉर कॉलेज में गोवा समुद्री सम्मेलन के पांचवें संस्करण का आयोजन करेगी। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी 14 देशों बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, केन्या, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड और तंजानिया के नौसेना प्रमुखों, समुद्री बलों के प्रमुखों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मेजबानी करेंगे। सम्मेलन का विषय हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां है। गोवा समुद्री संगोष्ठी (जीएमएस) और गोवा समुद्री सम्मेलन (जीएमसी) की शुरूआत क्रमशः 2016 और 2017 में की गई थी जिससे कि हिन्द महासागर क्षेत्र के प्रमुख समुद्री देशों के साथ सहयोगात्मक सोच और आपसी समझ को बढ़ावा दिया जा सके। यह पहल ‘महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति)’ दृष्टि के अनुरूप है। जीएमसी का आयोजन दो वर्ष में एक बातर किया जाता है और इससे पहले जीएमएस की कार्य-स्तरीय बैठक की जाती है।
हिन्द महासागर क्षेत्र में समुद्री आतंकवाद, तस्करी, अवैध, अनियमित और गैर कानूनी मछली पकड़ने , समुद्री डकैती, सशस्त्र लूट तथा अवैध प्रवासन जैसी चुनौतियां विद्यमान हैं। इसके अतिरिक्त जलवायु परिवर्तन, साइबर खतरे और डार्क शिपिंग जैसी उभरती चुनौतियाँ भी जोखिम बढ़ा रही हैं। सम्मेलन में समुद्री सूचनाओं के वास्तविक समय पर आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा सहयोगी तंत्र को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल, अरुण प्रकाश सम्मेलन में मुख्य वक्तव्य देंगे। गोवा समुद्री सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है।

