इंदौर: एनटीए ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन-2026 के पहले सत्र का परिणाम सोमवार को घोषित किया. रिजल्ट से पहले दोपहर में फायनल आंसर की जारी की गई. इस बार प्रदेश से कोई भी छात्र 100 पर्सेंटाइल नहीं ला सका. लेकिन पहले सत्र के परिणाम में 99.9 पर्सेंटाइल पाने वाले छात्रों की संख्या 14 से अधिक है. रिद्धेश बेंडाले ने 99.9992186 पर्सेंटाइल प्राप्त कर ऑल इंडिया टॉपर्स में स्थान बनाया और प्रदेश के टॉपर रहे.
उल्लेखनीय है कि एनटीए ने यह परीक्षा 21 से 24 जनवरी तथा 28 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की गई थी। इस सत्र में लगभग 13 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर अत्यंत उच्च रहा. मध्यप्रदेश में सर्वाधिक 14 विद्यार्थियों ने 99.9+ पर्सेंटाइल अर्जित किए. इस सत्र के एमपी टॉपर रिद्धेश बेंडाले ने 99.9992186 पर्सेंटाइल प्राप्त कर ऑल इंडिया टॉपर्स में स्थान बनाया।
रिद्धेश ने फिजिक्स एवं मैथ्स में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर विशेष उपलब्धि दर्ज की. रिद्धेश मूलतः महाराष्ट्र के रहने वाले हैं, लेकिन वह इंदौर से अपनी पढ़ाई कर रहे हैं. जेईई मेन में होनहारों ने न केवल अपनी कड़ी मेहनत का प्रमाण दिया, बल्कि अपने परिवार और शहर को भी गौरावान्वित किया.
प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ता था
रिद्धेश बेंडले ने बताया कि वे मूलतः महाराष्ट्र के रहने वाले है और दो साल से इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. रिद्धेश ने बताया कि 12वीं कक्षा में होते हुए उन्होंने जेईई मेन सेशन-1 की परीक्षा दी. इसमें उन्हें 99.99 पर्सेंटाइल हासिल हुए. रिद्धेश ने बताया मेरी सफॅलता में परिवार और फैकल्टी का बहुत बड़ा योगदान है. मेरी स्ट्रेटजी रही कि जो भी क्लास में पढ़ाया जाता उसका रिविजन जरुर करता था. पिछले सालों के टेस्ट पेपर भी सॉल्व किए. प्रतिदिन 8 घंटे पढ़ाई करता था. केमिस्ट्री मेरा वीक प्वाइंट था, जिसमें मेरे बनाए नोट्स ने बहुत मदद की. परिवार से दूर रहने के बाद फैकल्टी का भी मॉरल सपोर्ट मिला. पैरेंट्स से हर दिन बात करता, किसी तरह की परेशानी आने पर उनसे डिस्कस करता. मुझे उम्मीद थी कि अच्छा परिणाण आएगा लेकिन इतनी अच्छी रैंक आएगी सोचा नहीं था. मैं रिजल्ट से ज्यादा अपना बेस्ट देने पर यकीन रखता हूं.
कभी सोशल मीडिया यूज नहीं किया
पार्थ माहेश्वरी ने 12वीं के साथ जेईई-मेन 2026 के अपने पहले प्रयास में 99.99 पर्सेंटाइल हासिल किया है. पार्थ ने बताया मैं अप्रैल सेशन भी दूंगा। मेरा पूरा फोकस एडवांस पर हैं. पार्थ ने कहा मैं प्रतिदिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई करता था. तीन घंटे टेस्ट देता था. मेरा कमजोर विषय केमिस्ट्री था. मैथ्स और फिजिक्स के सवाल को बार-बार हल करता. इस दौरान मैंने सोश्यल मीडिया कभी यूज नहीं किया. मैंने कभी भी अपनी पढ़ाई और हॉबी के बीच में किसी भी तरह का सेक्रिफाइज नहीं किया. चाहे फैमली फंक्शन हो या फिर किसी अन्य आयोजन को अटैंड करना हो मेरी सभी में सहभागिता रहती थी, लेकिन मैंने अपनी पढ़ाई को कभी डिस्टर्ब नहीं होने दिया. पापा इंजीनियर है और मम्मी हाउस वाइफ है समय-समय पर उनका भी मार्गदर्शन मिलता रहा.
रिविजन पर ज्यादा दिया ध्यान
अक्षय गोयल को जेईई-मेन 2026 में 99.96 पर्सेंटाइल मिले हैं. अक्षय के पापा बिजनेस मेन और मम्मी हाउस वाइफ. पिछले वर्ष, कड़ी मेहनत के बावजूद, उन्हें मनपसंद ब्रांच नहीं मिली, जिससे उन्हें अपने सपनों के कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाया. उन्होंने अपने सपनों को फिर से हासिल करने का संकल्प लिया. उन्होंने दोबारा जेईई-मेन 2026 की तैयारी की और एक उत्कृष्ट स्कोर प्राप्त किया. अक्षय ने बताया मैं तीन साल से तैयारी कर रहा हूं. इससे पहले पिछले साल 99.76 पर्सेंटाइल थे, उस समय मैंने जेईई एडवांस दिया था, लेकिन लगभग 5 हजार रैंक आई थी,जिस वजह से मुझे जिस ब्रांच में एडमिशन लेना था वह नहीं मिली. इस बार मैंने अपनी तैयारी को ओर अधिक पुख्ता किया। मैंने रिवीजन पर ज्यादा ध्यान दिया. अपनी पिछली गलतियों को सुधारते हुए जो टॉपिक कम पढ़े थे उसे पूरा किया
