जबलपुर: दुर्गंध मारता हुआ कचरे का ढेर, सड़क किनारे पसरी गंदगी और नाली पानी की जगह कचरे से पूरी पैक… जी हां ये नजारा बीते 10 दिनों से महाराणा प्रताप वार्ड की नवनिवेश कॉलोनी गढ़ा का है जहां के रहवासियों के मुंह से ये आवाज निकलने लगी है कि अब हम लोगों की शिकायत सुनकर कार्रवाई करने वाला नगर निगम में कोई जिम्मेदार नहीं है सभी अनदेखी कर रहे हैं।
नतीजा गंदगी के बीच लोगों का रहना अब मजबूरी बन गया है। क्षेत्रीय रहवासियों ने नवभारत से कहा कि बर्फानी ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया है जिस कारण कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसी कारण उनके क्षेत्र में कचरा गाड़ी नहीं आ रही है और लोगों के घरों का कचरा अब सड़क पर आ रहा है।
नगर निगम प्रशासन करे वैकल्पिक व्यवस्था
क्षेत्रीय रहवासियों का कहना है कि अगर ठेकेदार की लापरवाही के कारण कर्मचारी हड़ताल पर हैं तो नगर निगम प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी जिससे क्षेत्र में गंदगी न पसरे लेकिन जिम्मेदार सिर्फ वाहवाही लूटने तमाम दावे कर रहे हैं जिसका नतीजा है कि हकीकत में गंदगी के बीच रहने लोग मजबूर हो रहे हैं।
इनका कहना है
–हम लोगों ने जब वार्ड सुपरवाइजर अविनाश कोरी से संपर्क किया तो उनका कहना था कि अभी 8 दिन की हड़ताल चल रही है। सफाई कैसे करवा दें। नवनिवेश कॉलोनी में गंदगी चरम पर पसरी हुई है। जिम्मेदार नींद से नहीं जाग रहे हैं।
–शुभम साहू, रहवासी
—मेरी दूध की दुकान के सामने विगत कई दिनों से कचरे का ढेर जमा पड़ा है। शिकायत के बाद भी कचरा उठाने की जहमत कोई नहीं उठा रहा है। हम लोग गंदगी से बहुत परेशान हो चुके हैं।
–विवेक पटैल, रहवासी
–क्षेत्र में महीनों से झाडू नहीं लगती है। शिकायत करते हैं लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। जिससे पूरा क्षेत्र गंदगी से पटा पड़ा है।
–संजय झारिया, रहवासी
–कॉलोनी में जमे कचरे के ढेर से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है, लेकिन जिम्मेदारों को कोई लेना-देना नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजों पर शहर में सफाई व्यवस्था दुरूस्त के दावे कर रहे हैं जबकि हकीकत कुछ और ही है।
–अंशुल सेन, रहवासी
–कचरा गाड़ी पिछले कई दिनों से वार्ड में नहीं आ रही है जिस कारण कचरे का ढेर जमा हुआ है। बर्फानी ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया है इसलिए कर्मचारी बीते 8 दिन से हड़ताल पर है। उम्मीद है जल्द वेतन कर्मचारियों को मिलेगा और वार्ड की सफाई व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
–अविनाश कोरी, वार्ड सुपरवाइजर
