इंदौर: शहर में विकास कार्यों के नाम पर चल रहे कार्यों में गतिहीनता, अदूरदर्शिता और लापरवाही से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. शहर में आधे-अधूरे पड़े कार्यों को लेकर नगर निगम के जिम्मेदार एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं.नगर निगम द्वारा मालवीय नगर में लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे सडक़ चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत सात माह पूर्व की गई थी. इस दौरान सैकड़ों मकानों के आगे के हिस्से तोड़े गए, जबकि कई मकान पूरी तरह जमींदोज कर दिए गए. कहीं चैंबर लाइन डाली जा रही है, कहीं सीवर लाइन बिछ रही है और कई स्थानों पर बिजली के खंभे खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं.
मिट्टी में गाड़े गए बिजली खंभे की नीव की मिट्टी खिसक चुकी है, जिससे खम्बे गिरने से कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं. सडक़ को सीधा बनाए जाने के बजाय एक स्थान पर मोड़ देने से अतिरिक्त मकानों को नुकसान पहुंचा है. भागीरथपुरा प्रकरण के बाद भी यह लापरवाही की जा रही है. सिवरेज लाइन में डाले गए पाइप अभी से क्रेक हो चुके हैं, वही चैंबर में भी बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं. भविष्य में इस लापरवाही से भागीरथपुरा कांड जैसी घटना हो सकती है. कार्य की तस्वीर को देखते हुए यह भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर इशारा करता है. गतिहीन निर्माण कार्य से क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है. आखिर जवाबदेही किसकी तय होगी?
यह बोले रहवासी…
इस कार्य के कारण पानी की किल्लत बढ़ गई है. सीवरेज लाइन और चैंबर अभी से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. इससे दूषित पानी की समस्या बनेगी और भागीरथपुरा जैसी स्थिति यहां पर भी निर्मित हो सकती है.
– दिलीप पाल
अपनी मनमर्जी से कार्य कर चेक कर रहे हैं. कभी उधर करते हैं, फिर आधा अधूरा छोड़ यहां आ जाते हैं. इस गतिहीन कार्य से लोगों को कई तरह की समस्या हो रही हैं.
– माधव प्रसाद रोजिया
कार्य जल्दी नहीं हो रहा, जगह-जगह गंदगी फैल रही है. कार्य के दौरान पुराने चैंबर तोड़ दिए गए, जिससे गंदगी कच्ची सडक़ पर बह रही है और क्षेत्र में बदबू बनी रहती है.
– गीता बाई
उबड़-खाबड़ सडक़, बड़े-बड़े पत्थर, जिस पर से निकलना मुश्किल है. बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं गिरकर चोटिल हो रहे हैं. कई लोगों को गंभीर चोटें लग रही हैं. कितनी बार शिकायत कर दी, लेकिन कोई सुन नहीं रहा.
– अजय चोपड़ा
