
जबलपुर। कहते हैं मां को सब पता होता है, नि: स्वार्थ प्रेम करने वाली मां की ममता बच्चों पर आने वाली मुसीबत को भी भाप लेती है। राजस्थान में हुआ एक्सीडेंट जबलपुर में रहने वाली मां ने महसूस कर लिया था। दअरसल तीन जिगरी यार समेत पांच लोग जबलपुर से उज्जैन घूमने गए थे वहां से अचानक खाटू श्याम जाते समय उनकी कार राजस्थान के चाकसू में शनिवार सुबह पांच बजे कोटा-जयपुर नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रेलर ट्रक से टकरा गई। रायपुर में हुए एक्सीडेंट की खबर जैसे ही मृतकों के जबलपुर स्थित घरों तक पहुंची तो परिजनों की दुनिया ही उजड़ गई है। सन्नाटा पसर गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात पर यकीन ही नहीं कर पा रहे कि जो बच्चे मुस्कुराते हुए घरों से निकले थे, वे अब कभी वापस नहीं आएंगे।
इस सडक़ हादसे मेें जान गंवाने वालेे शहर के मदर टेरेसा कटंगी रोड निवासी पीयूष राय के पिता राजेश राय ने नवभारत से चर्चा के दौरान बताया कि शिफ्ट कार से उनका बेटा चार अन्य के साथ उज्जैन गया था अचानक खाटू श्याम जाने का प्लान बना लिया। पीयूष की मां रश्मि राय ने बेटे को जाने से साफ मना कर दिया था लेकिन उनके साथ मौजूद रेशमा श्रीवास्तव ने बात करते हुए भरोसा दिलाया था कि कुछ नहीं होगा लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शायद उन्हें मौत वहां ले गई थी। भीषण सडक़ हादसे ने जिगरी दोस्तों के साथ उनके बेटे को उनसे हमेशा के लिए जुदा कर दिया है, काश…! पीयूष और उसके दोस्त मां की बात मान लेते तो शायद ये हादसा न होता।
पिता का था बर्थडे, पहुंची मौत की खबर-
नवभारत से चर्चा के दौरान राजेश राय ने नम आंखों से बताया कि वे अपने बेटे को कभी नहीं भूल सकते है उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट के पहले बेटे से बात हुई थी। 14 फरवरी को उनका जन्म दिन था सभी खुश थे। 13-14 की दरम्यिानी रात्रि परिजन जन्मदिन मनाने के लिए केक काटने की तैयारी कर रहे थे लेकिन बेटे के बिना जन्म दिन नहीं मनाना था जिस लिए सब को बोल दिया था जब पीयूष लौटकर आयेगा तो बर्थडे मनाउंगा, पीयूष ने भी स्टेटस लगाया था लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। सुबह सात बजे सूचना मिली कि बेटे का एक्सीडेंट हो गया है।
साथ जिए, आखरी सफर भी साथ तय किया-
सडक़ हादसे में जान गंवाने वाले मदर टेरेसा कटंगी रोड निवासी अनुराग, पीयूष राय, रोहित जिगरी यार थे। सभी दोस्त घूमने निकले थे। कार अनुराग चला था। दोस्तो के साथ रेशमा श्रीवास्तव निवासी नक्षत्र नगर एवं उनका भतीजा शानू सदन निवासी भी साथ में था। उनकी कार जयपुर की ओर से जैसे ही चाकसू में टिगरिया मोड़ के पास शनिवार सुबह पहुंची तभी वहां खड़े एक ट्रेलर से उनकी टक्कर हो गई। हादसा इतना भयानक था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए थे। पांचों की मौत हो गई।
देर रात जयपुर पहुंचेगे परिजन, आज सुबह होगा पीएम-
सूचना मिलने के बाद दोपहर बाद मृतकों के परिजन जबलपुर से जयपुर के लिए रवाना हो गए है। वही पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चाकसू मनोहर लाल मेघवाल ने बताया कि परिजन देर रात्रि तक पहुंचने की संभावना है। परिजनों की मौजूदगी में आज पीएम होगा जिसके बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया जायेगा।
एक साल पहले हुई थी अनुराग की शादी
हादसे में जान गंवाने वाले अनुराग की शादी एक साल पहले ही हुई थी। मौत की खबर से परिजनों में चीख पुकार मची हुई है वे ड्राइवरी करता था और रेशमा श्रीवास्तव की कार चलाता था।
पुरानी यादगार बनी, नई सेल्फी रह गई अधूरी
हादसे से कुछ ही समय पहले तक सभी दोस्त खुश थे। मोबाइल में कैद उनकी आखिरी सेल्फी भी थी जो अब उनके परिवारों के लिए उम्र भर का दर्द बन चुी है। कैमरे में कैद वो मुस्कुराहटें उनकी आखिरी यादें होगी। वहीं पीयूष ने हादसे से एक दिन पहले ही उज्जैन महाकाल मंदिर केक बाहर अपने साथी राहुल के साथ सेल्फी ली थी। जिसे सोशल मीडिया पर अपलोड भी किया था। ये सेल्फी परिजनों को अब खौफनाक मंजर की गवाही भी देगी। दोस्तो ने सोचा था कि खाटूश्यामजी में भी तस्वीरें लेेंगे जो अधूरी रह गई।
बेसुध परिजन, सपने टूटे, तीन क्षेत्रों में मातम
इस हादसे के बाद जबलपुर के नक्षत्र नगर, मदर टेरेसा, कटंगी रेाड , खेरमाई मंदिर के पास, सदर मेंं मातम पसरा हुआ है। इस हादसे ने सिर्फ जानें ही नहीं ली, बल्कि कई उम्मीदें और भविष्य के सपने भी कुचल दिए गए है दोस्तों के अपने अपने सपने थे उनके परिजनों ने भी सपने देखते थे।
रेशमा का था प्लान
धार्मिक यात्रा पर जाने का प्लान रेशमा श्रीवास्तव ने ही बनाया था। 12 फरवरी को सभी लोग कार से उज्जैन पहुंचे थे वहांं श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए थे इसके बाद 13 फरवरी की रात वे खाटू श्यामजी के लिए रवाना हुए थे। रेशमा के पति अखिलेश श्रीवास्तव पिछले साल एलआईसी से रिटायर हुए है।
