जबलपुर:दान की प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अग्रवाल कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय स्व. शिरीष श्याम भटकर के परिजनों ने उनके निधन के उपरांत देहदान का संकल्प साकार कर समाज के सामने प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। 21 जनवरी 2026 को उनके आकस्मिक निधन के बाद बड़े भाई राजू श्याम भटकर, अविनाश श्याम भटकर तथा अरुण जैन सहित समस्त परिवारजनों ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव देह सुख सागर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को समर्पित कर दी, ताकि एमबीबीएस विद्यार्थियों को अध्ययन व शोध में सुविधा मिल सके। स्व. भटकर की भतीजी 21 वर्षीय बी.टेक. छात्रा कु. हर्षिता जैन की प्रेरणा से उनके पिता अरुण जैन, माता खुशी जैन, स्वयं हर्षिता जैन, अर्चना भटकर (बुआजी) एवं आशीष भटकर (फूफाजी) ने भी देहदान का संकल्प लिया।
अन्य शहरों से मंगानी पड़ी थीं 20 पार्थिव देह
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मेडिकल कॉलेज को 20 पार्थिव देह अन्य शहरों से मंगानी पड़ी थीं, जबकि 21 जनवरी को प्राप्त 21वीं देह स्थानीय जबलपुर निवासी की रही। कॉलेज के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश विजय कुमार, डॉ. बी.के. गुहा, डॉ. ए.वी. लखन पाल एवं प्रबंधन ने परिजनों को सम्मान पत्र प्रदान कर इस महादान के प्रति आभार व्यक्त किया तथा समाज से अधिकाधिक सहभागिता की अपील की।
