नयी दिल्ली, 13 फ़रवरी (वार्ता) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अपने ‘अन्नदाताओं’ के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा।
श्री प्रधान ने आज एक बयान में स्पष्ट किया कि किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। दुग्ध उत्पादन और मुर्गी पालन को संरक्षित किया गया है और निर्यात का विस्तार हो रहा है जिससे सीधे तौर पर आजीविका मजबूत हो रही है। वैश्विक स्तर पर भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परिधान और वस्त्र निर्यात के लिए अमेरिका में शुल्क-मुक्त (ड्यूटी-फ्री) पहुंच सुनिश्चित कर भारत ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस कदम से उद्योग, विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि संसद को बाधित करने के लिए हर रोज नया बहाना गढ़ना अब कांग्रेस की कार्यशैली नहीं, उसकी पहचान बन चुकी है। हर सत्र में एक ही स्क्रिप्ट दोहराई जाती है – हंगामा, शोर, झूठ और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सुनियोजित उल्लंघन। नेता प्रतिपक्ष होते हुए भी राहुल गांधी ने जिम्मेदारी का नहीं, अराजकता का रास्ता चुना है। झूठ बोलो और बार-बार बोलो की राजनीति अब उनकी आदत नहीं, उनकी राजनीतिक पहचान है, जिसने उन्हें भारतीय राजनीति में अविश्वसनीयता का प्रतीक बना दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को संविधान, लोकतंत्र, लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय प्रणाली और जनता के मताधिकार में विश्वास नहीं है। वैचारिक रूप से खोखली कांग्रेस योजनाबद्ध तरीके से संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है। आपातकाल की मानसिकता वाले लोग भारत की तरक्की से नफरत करते हैं और ‘मृत अर्थव्यवस्था’ बोलकर देश का अपमान करते हैं। ‘बयान बहादुर’ राहुल गांधी सामंतवादी सोच और राजनीतिक कुंठा में झूठ फैलाते हैं और हर बार बेनकाब होते हैं। उन्हें ये स्पष्ट होना चाहिए कि ‘संसद’ कांग्रेस के निजी स्वार्थ साधने का मंच नहीं, बल्कि देशहित में संवाद का मंच है।
